कटिहार जिले के बलिया बेलौन क्षेत्र अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय आरडीएस (RDS) कॉलेज, सालमारी में स्नातक स्तरीय सीबीसीएस (CBCS) पाठ्यक्रम के तहत बीए, बीएससी और बीकॉम (सत्र 2026-30) के नवनामांकित छात्र-छात्राओं के लिए शनिवार को एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला ('ओरिएंटेशन प्रोग्राम') का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शेखर कुमार जायसवाल ने की. इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नए छात्रों को कॉलेज के शैक्षणिक, सामाजिक व सांस्कृतिक माहौल से रूबरू कराना था.
75% उपस्थिति अनिवार्य, नई शिक्षा नीति के तहत वोकेशनल कोर्स पर जोर
छात्रों को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. शेखर कुमार जायसवाल ने कहा कि स्नातक की पढ़ाई विद्यार्थियों के करियर की दिशा तय करती है. नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत लागू 4 वर्षीय डिग्री कोर्स में वोकेशनल/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है, ताकि छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा मिल सके. प्राचार्य ने कॉलेज के कड़े नियमों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि सभी कक्षाओं में छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है. जिन छात्रों की उपस्थिति इससे कम होगी, उन्हें कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
सीबीसीएस परीक्षा पैटर्न और सेमेस्टर प्रणाली की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान दर्शनशास्त्र विभाग के डॉ. नवल किशोर पिंटू ने सीबीसीएस पाठ्यक्रम के विस्तृत ढांचे के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि:
- सेमेस्टर व्यवस्था: चार वर्षीय पाठ्यक्रम में हर छह महीने पर एक सेमेस्टर यानी साल में दो सेमेस्टर होंगे.
- अंक विभाजन: प्रत्येक विषय में 30 अंकों की सीआईए (आंतरिक/कॉलेज स्तर) परीक्षा होगी और 70 अंकों की मुख्य परीक्षा विश्वविद्यालय द्वारा ली जाएगी.
- एनएसएस व खेलकूद: एनएसएस (NSS) गतिविधियों और खेलकूद में भाग लेना पाठ्यक्रम का हिस्सा है, इसलिए सभी छात्रों की सहभागिता आवश्यक है.
कॉलेज के संकाय सदस्य और छात्र रहे मौजूद
ओरिएंटेशन प्रोग्राम में तीनों संकायों (कला, विज्ञान और वाणिज्य) के नए छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया. इस अवसर पर अंग्रेजी विभाग के डॉ. मनोज कुमार पांडेय, रसायनशास्त्र के डॉ. अर्नब मैत्री, भौतिकी के डॉ. अली अहमद अंसारी, कॉमर्स के डॉ. पंकज कुमार समदरिया, इतिहास के डॉ. मनोज कुमार, मनोविज्ञान के डॉ. मनदीप कुमार व डॉ. अभिनव दास, गणित के डॉ. राम बाबू सिंह तथा जूलॉजी विभाग के डॉ. सूरज कुमार सहित सभी विभागों के प्राध्यापक व कर्मचारी उपस्थित रहे.
