कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट:
कटिहार: जिले के रौनिया पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जियो टैगिंग के नाम पर लाभुकों से अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि योजना का लाभ दिलाने और सूची में नाम जोड़ने के नाम पर सैकड़ों लोगों से पैसे वसूले गए.
मामले की शिकायत मिलने के बाद बिहार मनरेगा एवं भवन निर्माण मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन यादव ने जिलाधिकारी और बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है.
1 हजार से 1500 रुपये तक वसूली का आरोप
लाभुकों चंदा देवी, सीमा देवी, उषा देवी, सकीना खातून, सिंटू कुमार, गीता देवी, भीम कुमार सिंह, सोनू कुमार, मिथुन कुमार, संजय कुमार सिंह, मनोज कुमार चौधरी, बबली देवी, अहिल्या देवी, भुगिया देवी, शौकत बैठा, सोनी देव, शारदा देवी, संजन देवी, मुन्नी देवी, इंदा कुमारी, गुड़िया देवी, गौरव कुमार, गुंजन देवी समेत अन्य लोगों ने आरोप लगाया है कि उनसे जियो टैग के नाम पर 1000 से 1500 रुपये तक वसूले गए.
“कार्यालय में सेटिंग” का हवाला देकर डराने का आरोप
लाभुकों का कहना है कि उन्हें यह कहकर डराया गया कि कार्यालय में सभी को पैसे देने पड़ते हैं, तभी आवास सूची में नाम दर्ज होगा. आरोप है कि रौनिया पंचायत के रोजगार सेवक ने बिचौलियों के साथ मिलकर यह अवैध वसूली की है, जबकि जियो टैगिंग की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क होती है.
जांच और कार्रवाई की मांग तेज
बिहार मनरेगा एवं भवन निर्माण मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन यादव ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी रोजगार सेवक और बिचौलियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. उन्होंने जिलाधिकारी और बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है.
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है.
