स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को कटिहार जिला प्रशासन की ओर से स्थानीय विकास भवन में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के अवसर पर एक विशेष श्रद्धांजलि एवं संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खान एवं भूतत्व तथा कला संस्कृति विभाग के मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार शामिल हुए. कार्यक्रम में वर्ष 1947 के विभाजन की अमानवीय त्रासदी में जान गंवाने वाले लाखों निर्दोष नागरिकों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी गई.
अतीत की कड़वाहट नहीं, एकता का संदेश है यह दिन: प्रभारी मंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने विभाजन के ऐतिहासिक संदर्भ और इस दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला:
- ऐतिहासिक शुरुआत: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में समर्पित करने की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य नफरत फैलाना नहीं, बल्कि त्रासदी के शिकार लाखों लोगों के त्याग को नमन करना और भावी पीढ़ी को राष्ट्रीय एकता का मूल्य समझाना है.
- इतिहास का सबसे क्रूरतम विस्थापन: उन्होंने स्मरण कराया कि 1947 में जब आजादी का सूर्य उदित हो रहा था, तब मानव इतिहास का सबसे बड़ा विस्थापन हुआ. 1.5 करोड़ से अधिक लोग अपने ही घर से बेघर होकर शरणार्थी बन गए और लाखों बेकसूर बच्चे, महिलाएं और पुरुष नफरत की आग में काल-कवलित हो गए.
- सशक्त भारत का संकल्प: मंत्री ने सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि देश में विभाजनकारी शक्तियों और कट्टरता को कभी पनपने नहीं देंगे और शांति, बंधुत्व व सौहार्द से युक्त समावेशी भारत का निर्माण करेंगे.
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
कार्यक्रम में जिले के कई शीर्ष जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे:
- वरिष्ठ जनप्रतिनिधि: पूर्व उप मुख्यमंत्री सह कटिहार सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद, कोढ़ा विधायक कविता पासवान, प्राणपुर विधायक निशा सिंह और जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह ने भी अपने विचार रखे और बलिदानियों को नमन किया.
- प्रशासनिक अधिकारी: जिला पदाधिकारी (DM) आशुतोष द्विवेदी की अगुवाई में प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से सामाजिक समरसता की शपथ ली.
