Rain Deficit: कटिहार जिले के चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से खरीफ खेती प्रभावित हो गई है. धान की रोपनी का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है. जिन किसानों के पास निजी सिंचाई की सुविधा है, वे किसी तरह रोपनी कर रहे हैं, जबकि वर्षा और नहर के पानी पर निर्भर किसानों के खेत अब भी खाली पड़े हैं.
आधी भी नहीं हो सकी धान की रोपनी
सावन माह शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन प्रखंड क्षेत्र में अब तक 50 प्रतिशत धान की रोपाई भी पूरी नहीं हो सकी है. बारिश के अभाव में कई खेतों में घास उग आई है, जबकि अन्य खेत सूखे पड़े हैं. आसमान में बादल तो दिखाई देते हैं, लेकिन बिना बरसे ही आगे बढ़ जाते हैं.
निजी सिंचाई वाले किसान कर रहे रोपनी
क्षेत्र के जिन किसानों के पास निजी सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध है, उन्होंने धान की रोपनी शुरू कर दी है. वहीं अधिकांश किसान अब भी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.
सिंचाई व्यवस्था पर उठाए सवाल
किसान सीताराम सिंह ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों बाद भी अधिकांश किसान वर्षा आधारित खेती करने को मजबूर हैं. सरकार को सिंचाई के स्थायी संसाधनों के विकास पर गंभीरता से काम करना चाहिए. वहीं किसान सुजीत सिंह ने कहा कि इस वर्ष मूसलाधार बारिश नहीं होने से खेती पूरी तरह प्रभावित हो गयी है.
सरकार से स्थायी समाधान की मांग
Rain Deficit: किसानों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय किसानों के हितों की बातें की जाती हैं, लेकिन बाद में सिंचाई जैसी मूलभूत समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता. उनका कहना है कि क्षेत्र में स्थायी सिंचाई व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि किसानों को हर वर्ष वर्षा पर निर्भर न रहना पड़े.
