आधे रास्ते से लौटाई नाबालिग की बरारत, परिवार को हिदायत

आधे रास्ते से लौटाई नाबालिग की बरारत, परिवार को हिदायत

नाबालिग के शादी की पुलिस को दी गई थी सूचना, की गई कार्रवाई बारसोई बाल विवाह कानूनी अपराध है. इसे रोकने के लिए सरकार एवं प्रशासन तत्पर है. आये दिन लोगों को बाल विवाह नहीं करने के लिए जागरूक भी किया जाता है. सोमवार को बारसोई में जब जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन दिल्ली की ओर से बारसोई नगर पंचायत के वार्ड संख्या 9 में स्थित मौलानापुर में बाल विवाह होने की सूचना मिली. त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत संस्था जिला प्रशासन पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह को रोका गया. बारसोई थाना की अवर निरीक्षक जेबा नियाजी ने बताया कि बाल विवाह की सूचना पर उक्त कार्रवाई की गई है. बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत परिवार को परामर्श कर शपथ पत्र भरवाया. आगे से ऐसा नहीं करने की हिदायत दी. समाज के बुद्धिजीवी लोगों ने भी कानून का समर्थन करते हुए शादी नहीं होने के लिए अपनी शपथ पत्र में गवाही दी. लड़का पक्ष को भी दूरभाष पर सूचना दिया आप जो विवाह करने आ रहे हैं. उस लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है. अगर आप शादी करते हैं तो बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत आप सभी पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. लड़का पक्ष ने भी इस बात को स्वीकार किया कि हम शादी नहीं करेंगे और आधे रास्ते से बारात वापस लौट गयी. पिता इकरामुल अलम ने बताया कि मुझे नहीं पता था कि 18 साल के बाद ही शादी करनी है. अगर मुझे पता होता तो मैं ऐसा नहीं करता. मैं अपनी पुत्री की शादी अब 18 साल के बाद ही करवाऊंगा. इस बाल विवाह को रोकने में बारसोई थाना की अवर निरीक्षक जेबा नियाजी, प्रभारी अंचल अधिकारी संजीव कुमार गुप्ता, पंचायत सचिव सुमित कुमार, नगर पंचायत बारसोई लिपिक भोला यादव, राहत संस्था के विपीन विहार, दानिश मिराज आदि ने अहम भूमिका निभायी.

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By RAJKISHOR K

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