'भारत छोड़ो आंदोलन' की ऐतिहासिक वर्षगांठ के अवसर पर शनिवार को कटिहार के मनिहारी मोड़ स्थित अमर जवान चौक पर महाकाल सेना के बैनर तले विरोध प्रदर्शन और विशेष संकल्प सभा का आयोजन किया गया. महाकाल सेना के अध्यक्ष शिवानंद उर्फ पप्पू सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रहित के गंभीर मुद्दों को रेखांकित करना तथा देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए जन-जागरूकता फैलाना था.
अगस्त क्रांति दिवस के ऐतिहासिक महत्व को किया याद
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने 8 अगस्त 1942 के उस ऐतिहासिक दिन को याद किया, जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने मुंबई के ऐतिहासिक अगस्त क्रांति मैदान से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ 'भारत छोड़ो' का बिगुल फूंका था. वक्ताओं ने कहा कि 9 अगस्त को पूरे देश में 'भारत छोड़ो आंदोलन दिवस' के रूप में मनाया जाता है. इसी क्रांति से प्रेरणा लेते हुए महाकाल सेना ने देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के मुद्दों पर निरंतर अभियान चलाने का संकल्प लिया है.
राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग
जनसभा को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष शिवानंद उर्फ पप्पू सिंह ने कहा कि महाकाल सेना बीते पांच वर्षों से अधिक समय से राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाती आ रही है. उन्होंने घोषणा की कि आने वाले दिनों में इस अभियान को और अधिक व्यापक व प्रभावी बनाया जाएगा. वहीं महाकाल सेना के प्रसंजीत कुमार ने कहा कि संगठन समाज को जागरूक करने के साथ-साथ सरकार से यह पुरजोर अपील करता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को प्राथमिकता पर लेते हुए त्वरित और ठोस कदम उठाए जाएं.
संकल्प सभा में बड़ी संख्या में मौजूद रहे कार्यकर्ता
इस विरोध प्रदर्शन और संकल्प सभा में संजय खरवार, सोनू कुमार, संतोष कुमार, प्रसंजीत कुमार, मनोहर कुमार, प्रदीप कुमार, तूफानी मुंडा, संयोग कुमार, रोहित कुमार, रंजीत कुमार, करण कुमार खरवार, नीरज कुमार, गुजआए शाह, किस्मत मुंडा, तुनेश कुमार, रतन कुमार, महेश कुमार, अभिषेक कुमार, कन्हैया, धीरज, पंकज, कुंदन, निर्मल, सागर कुमार और बादल कुमार सहित बड़ी संख्या में महाकाल सेना के कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम का समापन देश की एकता, अखंडता और रक्षा के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ.
