देश को टीबी (तपेदिक) मुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूती देने के उद्देश्य से शनिवार को 'प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत लायंस क्लब ऑफ कटिहार द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान क्लब के सदस्यों ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए 'नि-क्षय मित्र' के रूप में टीबी से ग्रसित मरीजों को गोद लिया. मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने और उन्हें जल्द स्वस्थ बनाने के लिए संस्था की ओर से पोषण किट का वितरण किया गया.
पोषण किट में प्रोटीन और जरूरी खाद्य सामग्री शामिल
मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य और रिकवरी को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से तैयार की गई पोषण किट वितरित की गई:
- किट की सामग्री: प्रत्येक 'नि-क्षय पोषण किट' में दाल, चना, सोयाबीन, मूंगफली, गुड़, सत्तू, दलिया और अन्य जरूरी पोषक तत्व शामिल किए गए हैं.
- इम्यूनिटी बढ़ाने पर जोर: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार टीबी के इलाज में एंटीबायोटिक दवाओं के साथ-साथ उच्च प्रोटीन युक्त आहार की सबसे अहम भूमिका होती है.
समय पर जांच, नियमित दवा और संतुलित खानपान से हारेगा टीबी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लायंस क्लब के अध्यक्ष लायन लक्ष्मी गुप्ता ने कहा:
"टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है. समय पर सही जांच और डॉक्टर की सलाह से नियमित दवा लेने पर इसका शत-प्रतिशत इलाज संभव है. लेकिन दवा के साथ-साथ मरीज का खानपान और पोषण भी उतना ही जरूरी है. जब तक समाज का हर नागरिक स्वस्थ नहीं होगा, तब तक देश समृद्ध नहीं बन सकता. टीबी के खिलाफ इस निर्णायक लड़ाई में लायंस क्लब कटिहार हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहेगा."
उन्होंने सभी मरीजों से बिना नागा दवा लेने, सकारात्मक सोच रखने और बीमारी को छुपाने के बजाय खुलकर इलाज कराने की अपील की.
स्वास्थ्य विभाग ने की पहल की सराहना, कई गणमान्य रहे मौजूद
लायंस क्लब के इस मानवीय प्रयास की स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की और जिले के अन्य सामाजिक व स्वयंसेवी संगठनों से भी 'नि-क्षय मित्र' बनकर इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया.
- उपस्थित सदस्य: इस अवसर पर लायन पंकज पूर्व, मनोज गुप्ता, पंकज सिंह, अमरनाथ प्रसाद, दिलीप डोकानिया, डॉली साह सहित क्लब के तमाम पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.
