कटिहार टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में भारी हंगामा: CLC और मार्क्सशीट के लिए1000 की 'अवैध वसूली' का आरोप; कुलपति से शिकायत, प्राचार्य बोले- '15 साल पुराना है नियम'

कटिहार टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में बीएड प्रशिक्षुओं ने CLC, मार्क्सशीट और प्रोविजनल के नाम पर ₹1000 की कथित वसूली और दुर्व्यवहार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों ने पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति से निष्पक्ष जांच की मांग की है.

कटिहार टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, जफरबाग सिरसा में शुक्रवार को सीएलसी लेने पहुंचे बीएड प्रशिक्षुओं ने कथित राशि वसूली और कॉलेज प्रशासन के व्यवहार को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रशिक्षुओं ने पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की. वहीं कॉलेज के प्राचार्य डॉ. इम्तियाज अहमद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सीएलसी के लिए वर्षों से निर्धारित राशि ली जाती है और इसकी रसीद विद्यार्थियों को दी जाती है.

सीएलसी के नाम पर 1000 रुपये मांगने का आरोप

बीएड सत्र 2024-26 के प्रशिक्षुओं प्रिंस कुमार राज, अनुपम मिश्रा, नीतीश कुमार, प्रेम कुमार, सिम्पी कुमारी, प्रमोद पोद्दार सहित अन्य विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि मार्क्सशीट, प्रोविजनल और सीएलसी के नाम पर प्रत्येक प्रशिक्षु से एक हजार रुपये की मांग की जा रही है. विद्यार्थियों का कहना है कि राशि नहीं देने पर सीएलसी नहीं देने की बात कही गई.

वायवा के नाम पर 3000 रुपये लेने का भी आरोप

प्रशिक्षुओं ने आरोप लगाया कि करीब दो माह पहले वायवा के नाम पर भी प्रत्येक छात्र-छात्रा से तीन हजार रुपये लिए गए थे. उनका दावा है कि तीन विद्यार्थियों ने राशि नहीं दी तो उनके करीब 50 अंक काट दिए गए. विद्यार्थियों ने टीआर देखने के बाद इसकी जानकारी होने का दावा करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की.

प्राचार्य पर दुर्व्यवहार का आरोप

प्रशिक्षुओं का आरोप है कि जब वे अपनी शिकायत लेकर प्राचार्य के पास पहुंचे तो उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया. विद्यार्थियों ने बातचीत से संबंधित वीडियो भी पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति को उपलब्ध कराने की बात कही है. उन्होंने कुलपति से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.

एसटीईटी फॉर्म भरने के लिए तत्काल दस्तावेज देने की मांग

प्रशिक्षुओं ने कहा कि उन्हें तत्काल मार्क्सशीट और प्रोविजनल उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे एसटीईटी का फॉर्म भर सकें. इसके साथ ही सीएलसी के नाम पर ली गई राशि की जांच और यदि अनियमितता पाई जाती है तो राशि वापस कराने की मांग भी की गई.

प्राचार्य ने कहा- रसीद के साथ ली जाती है राशि

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. इम्तियाज अहमद ने कहा कि कुछ छात्र-छात्राओं द्वारा कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन किया गया था. उन्होंने बताया कि सीएलसी देने के नाम पर वर्षों से राशि ली जाती है और इसके लिए विद्यार्थियों को रसीद उपलब्ध कराई जाती है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया और सभी के सीएलसी के लिए आवेदन ले लिए गये.

कई विद्यार्थियों को सीएलसी जारी किया गया

प्राचार्य के अनुसार कई विद्यार्थियों को सीएलसी निर्गत भी किया गया है और इसके एवज में ली गई राशि की रसीद उपलब्ध कराई गई है. कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों के आरोपों के बीच अपने पक्ष में दस्तावेजी प्रक्रिया का हवाला दिया है.

जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

मामले में प्रशिक्षुओं ने विश्वविद्यालय स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग की है. आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है. अब विश्वविद्यालय या संबंधित स्तर पर होने वाली जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राशि किस मद में ली गई और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता हुई या नहीं.


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By Saroj kumar

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