Katihar: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में लापरवाही, एक हजार छात्रों पर सर्टिफिकेट केस की तैयारी

इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के लिए चार लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है. शर्त के अनुसार पढ़ाई पूरी होने के बाद लाभार्थियों को ऋण चुकाना होता है, जबकि रोजगार या नौकरी न मिलने की स्थिति में हर साल जून और दिसंबर में शपथ पत्र देना अनिवार्य है.

कटिहार से सूरज गुप्ता की रिपोर्ट:

कटिहार: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पढ़ाई के लिए ऋण लेने वाले कई छात्र-छात्राओं द्वारा नियमों का पालन नहीं किए जाने का मामला सामने आया है. जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) के अनुसार करीब 1000 छात्र ऐसे हैं जिन्होंने न तो ऋण की राशि वापस की है और न ही नौकरी या रोजगार नहीं मिलने का अनिवार्य शपथ पत्र जमा किया है.

इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के लिए चार लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है. शर्त के अनुसार पढ़ाई पूरी होने के बाद लाभार्थियों को ऋण चुकाना होता है, जबकि रोजगार या नौकरी न मिलने की स्थिति में हर साल जून और दिसंबर में शपथ पत्र देना अनिवार्य है.

सर्टिफिकेट केस की कार्रवाई शुरू

डीआरसीसी की ओर से बताया गया कि ऐसे छात्रों की पहचान कर ली गई है और अब उनके खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. कई बार नोटिस और ई-मेल भेजे जाने के बावजूद भी छात्रों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला.

जिला प्रबंधन का बयान

डीआरसीसी प्रबंधक अमरजीत कुमार ने बताया कि जिले में लगभग 950 छात्रों पर सर्टिफिकेट केस की तैयारी की जा रही है. विभाग की ओर से कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर अब कानूनी कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य जरूरतमंद छात्रों को शिक्षा में सहायता देना है, इसलिए नियमों का पालन जरूरी है।

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Published by: Shruti Kumari

Shruti Kumari is a contributor at Prabhat Khabar.

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