मानसून से निपटने को कटिहार नगर निगम ने कसी कमर: जलजमाव रोकने को 6 जोन में बंटा शहर

Katihar Nagar Nigam: आगामी मानसून सीजन में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कटिहार नगर निगम ने शहर को डूबने से बचाने के लिए एक मेगा एक्शन प्लान तैयार किया है. नगर निगम ने पूरे शहर के सभी 45 वार्डों को 6 विशेष जोन में विभाजित कर 350 किलोमीटर लंबे नाला नेटवर्क की युद्ध स्तर पर सफाई शुरू कर दी है, ताकि जलजमाव की समस्या को पूरी तरह खत्म किया जा सके.

कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट

Katihar Nagar Nigam: मानसून 2026 के दस्तक देने से पहले कटिहार नगर निगम क्षेत्र के बाशिंदों को इस बार भीषण जलजमाव और नारकीय स्थिति से मुक्ति दिलाने के लिए निगम प्रशासन पूरी तरह रेस हो गया है. भारी बारिश की संभावनाओं और मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने जल निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. नगर आयुक्त संतोष कुमार के निर्देश पर पूरे शहर को भौगोलिक आधार पर 6 प्रमुख जोन में बांटकर एक माइक्रो-प्लान तैयार किया गया है. इस योजना के तहत प्रत्येक वार्ड के छोटे-बड़े नालों को आपस में जोड़ते हुए उनके अंतिम डिस्चार्ज पॉइंट (निकासी मुहाने) को चिन्हित कर साफ किया जा रहा है.

350 किलोमीटर लंबे नालों की हो रही गाद सफाई; तैयार हुआ ‘नजरी नक्शा’

नगर आयुक्त संतोष कुमार ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि कटिहार शहरी क्षेत्र में ड्रेनेज नेटवर्क की कुल लंबाई करीब 350 किलोमीटर है, जिसे साफ रखना एक बड़ी चुनौती है. नगर निगम द्वारा इस बार दो चरणों में काम किया जा रहा है:

  • प्रथम चरण संपन्न: पहले फेज के तहत मुख्य और बड़े आउटफॉल नालों की तली से गाद (तलछट) निकालने का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है.
  • द्वितीय चरण जारी: दूसरे फेज में विभिन्न मोहल्लों के मंझोले और लिंक नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है, जिसे मानसून के सक्रिय होने से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा.
  • नजरी नक्शा: जलभराव वाले हॉटस्पॉट की पहचान के लिए सभी 6 जोन का एक विशेष ‘नजरी नक्शा’ (रूट मैप) भी तैयार किया गया है, ताकि पानी रुकने पर तुरंत फॉल्ट पकड़ा जा सके.

इन 6 जोनों में बंटा कटिहार शहर; नोट कर लें अपने वार्ड का डिस्चार्ज पॉइंट

नगर निगम ने शहर की बनावट के अनुसार जोनल सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत वार्डों और उनके पानी गिरने की अंतिम जगह (डिस्चार्ज पॉइंट) को इस प्रकार तय किया गया है:

  • जोन ए (नॉर्थ-ईस्ट जोन): इसमें मुख्य रूप से वार्ड संख्या 16 (आंशिक), 17, 18, 19, 20, 21, 27, 28, 29, 30, 33 (आंशिक) और 45 (आंशिक) शामिल हैं. इस जोन का अंतिम डिस्चार्ज पॉइंट केबी झा कॉलेज व दुर्गास्थान को बनाया गया है.
  • जोन बी (ईस्ट जोन): इस जोन में वार्ड नंबर 22 (आंशिक), 23, 24, 25 (आंशिक), 26 (आंशिक) और 27 (आंशिक) को रखा गया है. इनका पानी रामपाड़ा नहर में गिरेगा.
  • जोन सी (नॉर्थ-वेस्ट जोन): इसके अंतर्गत वार्ड संख्या 2, 3, 4, 5 (आंशिक), 15 और 16 (आंशिक) आते हैं, जिनका अंतिम पड़ाव तेजा टोला रेलवे क्षेत्र तय है.
  • जोन डी (साउथ-वेस्ट जोन ए): इसमें वार्ड नंबर 1, 5 (आंशिक), 6, 7, 8 (आंशिक), 9, 10, 12, 13 और 14 शामिल हैं. इसका पानी ऑफिसर्स कॉलोनी बांध की तरफ मोड़ा जाएगा.
  • जोन ई (साउथ-वेस्ट जोन बी): इसके तहत वार्ड 8 (आंशिक), 11 (आंशिक), 39, 40, 41 और 42 आते हैं. इनका डिस्चार्ज पॉइंट ललियाही पोखर को बनाया गया है.
  • जोन एफ (साउथ-ईस्ट जोन): इस सबसे बड़े जोन में वार्ड 25 (आंशिक), 26 (आंशिक), 31, 32, 33, 34, 35, 36, 37, 38, 43, 44 और 45 (आंशिक) शामिल हैं, जिनका अंतिम डिस्चार्ज पॉइंट तिनगछिया परतेली धार है.

तैनात हुए जोनल नोडल अफसर; 24 घंटे एक्टिव रहेगा निगम का कंट्रोल रूम

प्रशासनिक मुस्तैदी: मानसून के दौरान शहरवासियों को जलजमाव की समस्या से तात्कालिक राहत दिलाने के लिए सभी 6 जोनों में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) के साथ नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है.

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक वर्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम कार्यालय में एक केंद्रीय कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जो 24×7 (चौबीसों घंटे) काम करेगा. शहर के किसी भी मोहल्ले में पानी जमने या नाला जाम होने पर आम नागरिक सीधे निगम के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. शिकायत मिलते ही संबंधित जोन के नोडल अधिकारी और सफाई कर्मियों की टीम हाई-पावर सक्शन और पंपिंग सेट के साथ मौके पर पहुंचकर पानी की निकासी सुनिश्चित करेगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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