कटिहार के अमदाबाद से मनोज कुमार की रिपोर्ट:
Katihar Ganga Katav: कटिहार जिले के अमदाबाद प्रखंड अंतर्गत सुबेदार टोला गांव के समीप गंगा नदी में कटाव निरोधात्मक कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. पिछले वर्ष हुए भीषण कटाव से सबक लेते हुए इस बार जल संसाधन विभाग द्वारा तट संरक्षण के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं. करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक की लागत से संचालित इस परियोजना का उद्देश्य आगामी मानसून से पहले गांव और कृषि भूमि को कटाव के खतरे से सुरक्षित करना है.
विभागीय कनीय अभियंता विश्व वल्लभ कुमार ने बताया कि गंगा नदी के तेज बहाव से तटबंध और आबादी वाले क्षेत्रों को बचाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है. कटाव प्रभावित क्षेत्र में तेजी से कार्य कराया जा रहा है ताकि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके.
300 मीटर लंबाई में चल रहा कटाव निरोधक कार्य
कनीय अभियंता के अनुसार परियोजना के तहत लगभग 300 मीटर लंबाई में कटाव निरोधक संरचना तैयार की जा रही है. इसमें 12.60 मीटर चौड़ाई में जियो बैग की तीन परतें बिछाई जा रही हैं तथा स्लोपिंग का कार्य किया जा रहा है. नदी की धारा को नियंत्रित करने और कटाव को रोकने के लिए जियो बैग एवं बोरियों की क्रेटिंग भी की जा रही है.
कार्यस्थल पर बड़ी संख्या में मजदूरों और मशीनों को लगाया गया है. दिन-रात काम जारी है ताकि निर्धारित समय से पहले परियोजना पूरी की जा सके. स्थानीय ग्रामीण भी कार्य की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं.
30 जून से पहले पूरा होगा कार्य
कनीय अभियंता विश्व वल्लभ कुमार ने बताया कि परियोजना को पूरा करने की निर्धारित तिथि 30 जून है. हालांकि विभाग का प्रयास है कि मानसून के सक्रिय होने से पहले ही पूरा कार्य समाप्त कर लिया जाए.
उन्होंने कहा कि कटावरोधी संरचना तैयार होने के बाद सुबेदार टोला और आसपास के इलाकों को काफी हद तक सुरक्षा मिलेगी. पिछले वर्ष कटाव के कारण कई एकड़ कृषि भूमि और कई घर गंगा में समा गए थे, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था.
ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर दिया जोर
स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग से कटाव निरोधक कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि मजबूत और टिकाऊ निर्माण किया गया तो आने वाले वर्षों में गांव को कटाव के खतरे से राहत मिल सकेगी.
विभागीय अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया है कि कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी मानकों का पालन करते हुए परियोजना को पूरा किया जाएगा.
