Katihar Census Update: कटिहार के डंडखोरा से संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट. डंडखोरा प्रखंड में भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में 15 शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा गया है. चार्ज जनगणना अधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी Shubham Prakash ने संबंधित प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को पत्र जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है.
मकान सूचीकरण कार्य में मिली लापरवाही
प्रशासन की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि भारत की जनगणना-2027 के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य समय पर पूरा करने के लिए शिक्षकों को प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था. लेकिन चार्ज स्तरीय जनगणना कोषांग से प्राप्त रिपोर्ट में कार्य के प्रति गंभीर शिथिलता सामने आयी है.
प्रशासन ने इसे अनुशासनहीनता और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाला मामला माना है. अधिकारियों का कहना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
इन शिक्षकों से मांगा गया जवाब
जिन शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा गया है उनमें कपिल कुमार, सरफराज अहमद, दिपेश कुमार मांझी, सैयद तौफिक, श्रवण कुमार, विधान चंद्र झा, चौहान प्रतिभा, विक्रम कुमार, आयशा नुरी, शशि शेखर सुमन, पवन कुमार शर्मा, शमीमा खातून, नरेश चंद्रा, प्रीतम शुक्ला और कुमारी ज्योति प्रिया शामिल हैं.
सभी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर जवाब देना सुनिश्चित करें, अन्यथा जनगणना अधिनियम-1948 की धारा 11 के तहत कार्रवाई शुरू की जा सकती है.
प्रशासन ने दिखायी सख्ती
प्रखंड विकास पदाधिकारी शुभम प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा. प्रशासन का उद्देश्य तय समयसीमा के भीतर सभी कार्यों को पूरा करना है.
सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में अन्य प्रखंडों में भी जनगणना कार्य की समीक्षा की जा सकती है. ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गयी है.
जनगणना-2027 को लेकर बढ़ी प्रशासनिक सक्रियता
भारत की जनगणना-2027 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हैं. मकान सूचीकरण और जनगणना से जुड़े आंकड़ों को समय पर पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है. प्रशासन चाहता है कि जमीनी स्तर पर सभी जिम्मेदार कर्मी पूरी गंभीरता से अपने दायित्व निभाएं.
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