कोरोना में बंद हुई कटिहार-बारसोई पैसेंजर ट्रेन कब चलेगी? जेडआरयूसीसी बैठक में फिर उठी जोरदार मांग

यात्रियों की मांग पर कटिहार-बारसोई पैसेंजर ट्रेन को फिर से चलाने की गुहार लगाई गई है. शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक इस रूट पर ट्रेन की अनुपलब्धता से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कोरोना महामारी के दौरान बंद हुई यह ट्रेन अब तक बहाल नहीं हुई है, जिससे स्थानीय यात्रियों का आवागमन बाधित है.

Katihar Barsoi Passenger Train: कोरोना काल में बंद हुई कटिहार-बारसोई पैसेंजर ट्रेन को अब फिर से चलाने की मांग तेज हो गयी है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के जेडआरयूसीसी की मालीगांव में हुई बैठक में यात्रियों की इस पुरानी परेशानी को जोरदार ढंग से उठाया गया. जेडआरयूसीसी सदस्य एवं बिहार दैनिक यात्री संघ के वरिष्ठ नेता मदन लाल मंडल ने रेलवे महाप्रबंधक के सामने कटिहार-बारसोई के बीच बंद पैसेंजर ट्रेन 75747 और 75748 को दोबारा शुरू करने की मांग रखी.

मांग सिर्फ एक ट्रेन शुरू करने तक सीमित नहीं है. सदस्य ने बताया कि शाम से सुबह तक इस रेलखंड पर यात्रियों के लिए ट्रेन की उपलब्धता नहीं होने से कटिहार, डंडखोरा, सोनैली, सालमारी और बारसोई की ओर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है.

शाम 6 बजे के बाद सुबह तक ट्रेन का इंतजार

मदन लाल मंडल ने बैठक में कहा कि वर्तमान में शाम करीब 6 बजे से सुबह 6 बजे तक कटिहार से डंडखोरा, सोनैली, सालमारी और बारसोई की ओर जाने के लिए कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं है.

इसका असर उन यात्रियों पर पड़ता है जो शाम के बाद कटिहार पहुंचते हैं और उन्हें इस रेलखंड के किसी स्टेशन या गांव की ओर जाना होता है.

उन्होंने रेलवे अधिकारियों का ध्यान इस ओर भी दिलाया कि रात के समय कई एक्सप्रेस ट्रेनें कटिहार होकर गुजरती हैं, लेकिन स्थानीय यात्रियों के लिए पर्याप्त विकल्प नहीं है.

ऐसे में कटिहार से आगे जाने वाले यात्रियों को कई बार मजबूरी में कटिहार स्टेशन पर ही रात बितानी पड़ती है.

कोरोना में बंद हुई ट्रेन, अब तक नहीं हुई बहाल

कोरोना महामारी के दौरान देशभर में कई पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन बंद हुआ था. कटिहार से बारसोई और बारसोई से कटिहार के बीच चलने वाली 75747 और 75748 पैसेंजर ट्रेन भी इसी दौरान बंद हुई थी.

यात्रियों की शिकायत है कि कोरोना काल समाप्त होने के बाद भी इस ट्रेन का परिचालन अब तक बहाल नहीं हुआ है.

जेडआरयूसीसी सदस्य ने रेलवे प्रशासन से इसे जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने की मांग की है, ताकि छोटे स्टेशनों और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को नियमित आवागमन की सुविधा मिल सके.

जोगबनी-सिलीगुड़ी इंटरसिटी की लेटलतीफी का मुद्दा भी उठा

बैठक में केवल कटिहार-बारसोई पैसेंजर ट्रेन का मामला ही नहीं उठाया गया. जेडआरयूसीसी सदस्य ने जोगबनी-सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस के लगातार देर से चलने का मुद्दा भी उठाया.

उन्होंने रेलवे प्रशासन से ट्रेन का परिचालन निर्धारित समय के अनुसार कराने की मांग की. उनका कहना है कि ट्रेन की लेटलतीफी का सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ता है.

डंडखोरा में पिट लाइन बने तो कटिहार स्टेशन का दबाव घटेगा

कटिहार स्टेशन पर ट्रेनों के अत्यधिक दबाव की बात भी बैठक में उठायी गयी.

मदन लाल मंडल ने कहा कि कटिहार से करीब आठ किलोमीटर दूर डंडखोरा में रेलवे की लगभग 100 एकड़ जमीन उपलब्ध है. इस जमीन पर यदि पिट लाइन का निर्माण किया जाता है, तो कटिहार स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव कम किया जा सकता है.

उन्होंने रेलवे प्रशासन से इस दिशा में पहल करने की मांग की.

पिट लाइन की सुविधा विकसित होने से ट्रेनों के रखरखाव और परिचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं में भी मदद मिल सकती है. साथ ही कटिहार स्टेशन पर परिचालन संबंधी दबाव को कम करने का विकल्प तैयार हो सकता है.

दक्षिण भारत जाने वाले मरीजों और यात्रियों के लिए रोज ट्रेन की मांग

सीमांचल और कोसी क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग इलाज, रोजगार और दूसरे जरूरी कामों के लिए दक्षिण भारत की यात्रा करते हैं. बैठक में इन यात्रियों की परेशानी का मुद्दा भी उठाया गया.

जेडआरयूसीसी सदस्य ने कहा कि मुजफ्फरपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस वर्तमान में सप्ताह में एक दिन चलती है. उन्होंने यात्रियों की जरूरत को देखते हुए इसके परिचालन की आवृत्ति बढ़ाकर प्रतिदिन करने की मांग की.

उनका कहना है कि कटिहार सहित सीमांचल और कोसी के यात्रियों को दक्षिण भारत जाने के लिए सीमित ट्रेन विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता है. ट्रेन की फ्रीक्वेंसी बढ़ने से मरीजों, उनके परिजनों और दूसरे यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है.

बरौनी में घंटों रुकने वाली ट्रेनों को कटिहार तक लाने की मांग

बैठक में ऐसी ट्रेनों का भी जिक्र किया गया जो बरौनी और अन्य स्टेशनों पर लंबे समय तक खड़ी रहती हैं.

मदन लाल मंडल ने मांग की कि ऐसी ट्रेनों में से उपयुक्त ट्रेनों का विस्तार कटिहार तक किया जाए. इससे कटिहार और आसपास के जिलों के यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन सुविधा मिल सकती है.

Katihar Barsoi Passenger Train: यात्रियों की मांग अब रेलवे के फैसले पर टिकी

जेडआरयूसीसी की बैठक में उठाये गये इन मुद्दों का सीधा संबंध रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों से है. खासकर कटिहार-बारसोई रेलखंड के छोटे स्टेशनों और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों के लिए पैसेंजर ट्रेन का परिचालन महत्वपूर्ण है.

कोरोना काल में बंद हुई ट्रेन को दोबारा शुरू करने की मांग लंबे समय से उठती रही है. अब यह मामला रेलवे की क्षेत्रीय बैठक में भी पहुंच गया है.

यात्रियों की नजर अब रेलवे प्रशासन के अगले कदम पर है. यदि कटिहार-बारसोई पैसेंजर ट्रेन को फिर से चलाया जाता है, तो शाम के बाद इस रेलखंड पर यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है.

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लेखक के बारे में

By सूरज कुमार गुप्ता

सूरज कुमार गुप्ता पिछले 25 वर्षों से प्रिंट मीडिया में एक्टिव है. वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत की. राजनीतिक व सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर पत्रकारिता करना इनकी रुचि में शामिल है. सामाजिक कार्यो में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2007 में इन्हें भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया था.

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