– करीब 27 वर्षों से यह परियोजना अटकी पड़ी है कुरसेल कुरसेला-बिहारीगंज लंबित रेल परियोजना का मैप जारी होने से परिक्षेत्र के जनमानस के बीच खुशी छा गयी है. 27 वर्षों से अटके इस रेल परियोजना के पूरा होने को लेकर उम्मीदें बढ़ गयी हैं. रेल परियोजना से जुड़े मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार जिला के लोगों को रेल सवारी करने के सपने को पंख लगने की उम्मीदें बढ़ गयी है. रेल परियोजना का डीपीआर तैयार हो चुका है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में 170.8 करोड़ राशि की दी है. हाल के दिनों में इस परियोजना के लिए टेंडर भी जारी किया था. परियोजना को वर्ष 2008-09 मे रेल मंत्रालय द्वारा स्वीकृत किया था. गुजरते चार दशकों के अधिक वक्तों से यह रेल परियोजना चार कदम चलकर ठहर कर रूकती रही. कोसी के पिछड़े क्षेत्रों को रेल सुविधा से जोड़ने का सपना तत्कालीन रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र ने संजोया था. उनके निधन के पश्चात यह रेल परियोजना विभाग के फाइलों में गुम होकर रह गया. सालों फाइलों में गुम रहने के बाद यह रेल परियोजना तत्कालीन रेल मंत्री राम विलास पासवान के नजर में आया. परियोजना के महत्वों को दखते हुए तत्कालीन रेल मंत्री रामविलास पासवान ने इस पर सुधि लेकर कागजी प्रक्रिया के कार्यो को आगे बढ़ाते हुये वर्ष 1998 में कुरसेला- बिहारगंज रेल परियोजना के सर्वे कार्य का शिलान्यास किया था. रेल मंत्री से हटने के बाद एक बार फिर इस रेल परियोजना का कार्य अधर में अटक कर रह गया. योजना कार्य के शिथिल पड़े रहने से बिहारीगंज से कुरसेला के जनमानस में असंतोष पनपने लगा. उसके बाद तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने परियोजना को बजट में लाकर रेल निर्माण कार्य का पूर्णिया के रूपौली में 07 सितम्बर 2009 को शिलान्यास किया. कुरसेला-बिहारीगंज के बीच प्रस्तावित रेल स्टेशन व समपार ढाला के स्थानों पर लोहे के बोर्ड लगाये गये. क्या है प्रस्तावित रेल परियोजना का स्वरूप कुरसेला से बिहारीगंज प्रस्तावित रेल परियोजना की लम्बाई 57.35 किमी है. रेल स्टेशनों की संख्या नये रेल मेप में 07 व छोटे बड़े पुल पुलियों की संख्या 74और समपार फाटकों की संख्या 48 है. बिहारीगंज-कुरसेला का यह प्रस्तावित रेल परियोजना को वाया रुपौली, धमदाहा होकर गुजरना है. कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा के सुदूर क्षेत्र के लोगों को रेल सवारी का सुविधा प्राप्त होगी. रेल परियोजना के निर्माण से विकास को मिलेगी गति. इस रेल परियोजना के पूरा होने से कोसी सीमांचल क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी. सुदुर क्षेत्रों के लोगों को रेल सवारी करने का सपना साकार हो सकेगा. इन क्षेत्रों के जनमानस की रेल कनेक्टिविटी से देश के विभिन्न प्रांतों शहरों से जुड़ जायेगा. किसानों को फसलों को सीधे मंडी और बड़े शहरों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. व्यापार रोजगार धंधे के अवसर बढ़ेंगे. कोसी क्षेत्र के लिये यह रेल परियोजना वरदान साबित होगा. रेल परियोजना के नया मैप का स्टेशनों हाल्टों के नाम कुरसेला-बिहारीगंज रेल परियोजना के नये मैप के प्रस्तावित रेल स्टेशनों में बिहारीगंज, सिरसिया हॉल्ट, कसमराह, धमदाहा, माधवनगर हॉल्ट, दुर्गापुर हॉल्ट, रूपौली शामिल है. अब देखना यह होगा कि केन्द्र सरकार कितने समय में इस रेल परियोजना को पुरा करने का कार्य करती है. कोसी क्षेत्र के जनमानस की निगाहें प्रस्तावित परियोजना को पूरा होने पर टिकी हुई है.
कुरसेला-बिहारीगंज प्रस्तावित रेल लाइन को मिली राशि, जगी उम्मीदें
कुरसेला-बिहारीगंज प्रस्तावित रेल लाइन को मिली राशि, जगी उम्मीदें
