मानसून के मौसम में संभावित बाढ़ की आपदा से निपटने और नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शनिवार को मनसाही प्रखंड मुख्यालय सभागार में एक दिवसीय 'बाढ़ बचाव प्रशिक्षण कार्यक्रम' का आयोजन किया गया. बिहार सरकार के अपर सचिव से प्राप्त निर्देशों के आलोक में आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया.
प्रैक्टिकल के जरिए सिखाए गए जीवन रक्षा के उपाय
प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनरों ने आपदा के समय खुद को सुरक्षित रखने और दूसरों की जान बचाने की व्यावहारिक (Practical) तकनीकों का प्रदर्शन किया:
- बचाव और राहत कार्य: बाढ़ के पानी में डूबते व्यक्ति को बचाने, उपलब्ध संसाधनों से राफ्ट (नाव) बनाने और आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार (First Aid) देने के तरीके सिखाए गए.
- समस्या निवारण: बाढ़ के समय उत्पन्न होने वाली पेयजल संकट, संक्रामक बीमारियों और विस्थापन जैसी समस्याओं के तात्कालिक समाधान पर विस्तृत जानकारी दी गई.
दक्ष ट्रेनरों की टीम ने दी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण का संचालन राज्य स्तरीय कुशल ट्रेनरों की संयुक्त टीम द्वारा किया गया, जिसमें शामिल थे:
प्रशिक्षक टीम: मनोज कुमार दास, प्रवीण कुमार केसरी, सच्चिदानंद यादव, राज अमन, अंजलि कुमारी, नीतू कुमारी एवं सचिन कुमार सिंह.
आपदा प्रबंधन में मददगार साबित होगी ट्रेनिंग
आयोजकों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि इस प्रकार के सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन की क्षमता बढ़ती है. इससे बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के समय कम से कम जन-धन का नुकसान होगा और त्वरित राहत कार्य में मदद मिलेगी.
