कटिहार : जिले में राज्य सरकार के तमाम दावों के बावजूद शैक्षणिक व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है. जिले में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है. जिले के अधिकांश माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों का भारी कमी है. माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में तो विज्ञान के शिक्षक का घोर अभाव है. अभी हाल ही में जिले के माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गयी है.
माध्यमिक शिक्षा : बिन गुरु ज्ञान कहां से पाऊं
कटिहार : जिले में राज्य सरकार के तमाम दावों के बावजूद शैक्षणिक व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है. जिले में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है. जिले के अधिकांश माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों का भारी कमी है. माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में तो विज्ञान के शिक्षक का घोर […]

सरकार की ओर से इस पहल की प्रशंसा की जा रही है. पर शिक्षकों की कमी की वजह से जिले में स्मार्ट क्लास भी बेहतर तरीके से संचालित नहीं हो रही है. अधिकांश उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक नहीं है. ऐसे में आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को पढ़ाने वाले शिक्षक ही स्मार्ट क्लास के नोडल शिक्षक बनाए गए है.
शिक्षकों की कमी की वजह से अधिकांश छात्र छात्राएं नामांकन के बाद से ही कोचिंग का रुख कर लेते है. आर्थिक रूप से संपन्न छात्र-छात्राएं कोचिंग के सहारे अपनी पढ़ाई पूरी करते है. जबकि गरीब व मजदूर वर्ग के बच्चे किसी तरह अपनी शिक्षा घर में रहकर ही पूरी करते है. सरकार की नीतियों की वजह से छात्र छात्राओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.
शैक्षणिक परिभ्रमण के लिए बच्चों को किया रवाना
प्राणपुर. प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय भरत कोल से मुख्यमंत्री योजना अंतर्गत शैक्षणिक परिभ्रमण के लिए दक्षिणी लालगंज पंचायत के मुखिया के द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. उत्क्रमित मध्य विद्यालय भरतकोल के प्रधानाध्यापक अमरनाथ प्रसाद ने बताया कि शिक्षा समिति के अध्यक्ष मो नौशाद अली की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि दक्षिणी लालगंज पंचायत के मुखिया जुलुम सिंह के द्वारा हरी झंडी दिखाकर अररिया जिला के लिए रवाना किया गया. कटिहार पूर्णिया होते हुए कस्बा जलालगढ़ अररिया जिला के कुसियार गांव के दार्शनिक स्थल का भ्रमण किया जायेगा. इस मौके पर समाजसेवी व उत्क्रमित मध्य विद्यालय भारत कोल के सभी शिक्षक उपस्थित थे.
फल-फूल रहा है कोचिंग का कारोबार
माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की वजह से कोचिंग का कारोबार फल-फूल रहा है. शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से कोचिंग संस्थान खुल रहे है.
दरअसल विद्यालयों में शिक्षक नहीं होने की वजह से छात्र-छात्राएं कोचिंग के जरिए अपनी पढ़ाई पूरी करते है. आर्थिक रुप से संपन्न परिवार के बच्चे तो कोचिंग एवं ट्यूशन के जरिए किसी तरह अपनी पढ़ाई पूरी कर लेते है पर गरीब एवं मजदूर वर्ग के बच्चे को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है. ऐसे बच्चे नामांकन के बाद घर में ही किसी तरह पढ़ते है. नतीजा यह होता है कि वार्षिक माध्यमिक व इंटर परीक्षा में इन्हें असफलता हाथ लगती है.
खास बातें
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दावा खोखला
माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी
विद्यालय में विषयवार शिक्षकों की घोर कमी
108 उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय में 115 शिक्षक
अधिकांश उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय में नहीं है शिक्षक
सरकार व विभाग उदासीन
केस स्टडी-1 : माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा बदहाल
शहर के मिरचाईबाड़ी स्थित हरिशंकर नायक उच्च माध्यमिक विद्यालय, जिला स्कूल कटिहार, सदानंद उच्च विद्यालय सहित जिले के विभिन्न उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी शिक्षकों की कमी है. खासकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान शिक्षकों की घोर कमी है. इस तरह जिले के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक 58 विद्यालय की स्थिति है. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 11वीं व 12वीं कक्षा के करीब 40 हजार छात्र-छात्राएं नामांकित है.
इन छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए करीब 215 शिक्षक विभिन्न विद्यालयों में पदस्थापित है. हालांकि इन दिनों माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक बहाली की प्रक्रिया चल रही है. माना जा रहा है कि तीन चार महीने बाद शिक्षकों की कमी कुछ दूर होगी. शिक्षकों की कमी होने की वजह से छात्र छात्राओं को पढ़ाई में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. अधिकांश छात्र छात्राएं तो नामांकन कराने के बाद कोचिंग की ओर रुख कर जाते है. सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब एवं मजदूर वर्ग के बच्चे होते है.
केस स्टडी-2: उत्क्रमित 85 माध्यमिक में मात्र 92 शिक्षक
उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय नेपड़ा में करीब 350 छात्र छात्राएं नामांकित है. यहां एक भी शिक्षक पदस्थापित नहीं है. महेशपुर पंचायत के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय मोहनी टिकैली की स्थिति भी कमोवेश ऐसी ही है. यहां भी करीब 250 से अधिक छात्र छात्राएं नामांकित है. पर एक भी शिक्षक पढ़ाने के लिए पदस्थापित नहीं है.
उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय जरलाही कुरसेला, उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय मरंगी, मनसाही में भी एक शिक्षक माध्यमिक शिक्षक नहीं है. जिले में ऐसे 108 उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय है. इन विद्यालयों में कुल 115 शिक्षक पदस्थापित है. इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय में बच्चे को किस तरह की शिक्षा दी जा रही होगी. अधिकांश उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय में एक भी शिक्षक नहीं है.