15 सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का धरना, कलमबंद हड़ताल से ठप रहा काम
KAIMUR NEWS.ग्रामीण सरदार वल्लभभाई पटेल महाविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने अपनी 15 सूत्री लंबित मांगों को लेकर बुधवार को कलमबंद हड़ताल करते हुए महाविद्यालय परिसर में धरना दिया.
ग्रामीण सरदार वल्लभभाई पटेल महाविद्यालय में शिक्षकेत्तर कर्मियों ने किया प्रदर्शन
सातवां वेतनमान व पदनाम को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी,सातवां वेतनमान व पदनाम को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी
भभुआ.
ग्रामीण सरदार वल्लभभाई पटेल महाविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने अपनी 15 सूत्री लंबित मांगों को लेकर बुधवार को कलमबंद हड़ताल करते हुए महाविद्यालय परिसर में धरना दिया. यह आंदोलन बिहार राज्य विश्वविद्यालय और महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ और वीर कुंवर सिंह प्रक्षेत्र, आरा के आह्वान पर आयोजित किया गया.कर्मचारियों का आरोप है कि राज्य सरकार उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली के निर्देशों की अनदेखी करते हुए विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मियों के साथ मनमाना व्यवहार कर रही है. उन्होंने कहा कि सहायक कर्मियों को लिपिकीय वर्ग में समायोजित कर दिया गया है, जबकि प्रधान सहायक व लेखापाल को प्रशाखा पदाधिकारी के पदनाम और वेतनमान से वंचित रखा गया है. साथ ही सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष को यूजीसी वेतनमान नहीं दिया जा रहा है और पीवीसी के तहत वेतन में कटौती की जा रही है.
नियमितीकरण और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग
धरना दे रहे कर्मचारियों ने नव अंगीभूत महाविद्यालयों में सातवें वेतनमान के भुगतान में दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने मांग की कि आउटसोर्स एवं संविदा कर्मियों की सेवा नियमित करते हुए उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए. इसके अलावा व्यावसायिक पाठ्यक्रम से जुड़े कर्मचारियों को भी मूल रूप से स्थायी नियुक्ति दी जाए और विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में स्वीकृत रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए.धरना को संबोधित करते हुए इकाई संघ सचिव सुजीत कुमार सिंह और जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने कहा कि वर्षों से लंबित समस्याएं कर्मचारियों को चुनौती देती रही हैं, जिससे वे बार-बार आंदोलन के लिए विवश होते हैं. उन्होंने कहा कि आंदोलन करना उनका संवैधानिक अधिकार है और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा. धरनास्थल पर अवधेश कुमार, प्रदीप कुमार सिंह, जयप्रकाश सिंह, लक्ष्मी कुमारी, अभिजीत कुमार, अखिलेश कुमार सिंह, गुलाम पीर, अरुण कुमार सिंह, समीर और मुन्ना राम सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे और एकजुटता के साथ अपनी आवाज बुलंद की.