Kaimur Accident: (भगवानपुर से पंकज सिंह) जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई. वाराणसी के एक निजी अस्पताल में मंगलवार सुबह महिला ने अंतिम सांस ली, जिसके बाद पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया. मृतका रीना देवी शादी समारोह से लौट रही थीं, तभी रास्ते में बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और घर पर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही.
शादी समारोह से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार भगवानपुर गांव निवासी फुलेंद्र चौरसिया उर्फ झामु चौरसिया की 45 वर्षीय पत्नी रीना देवी पिछले सप्ताह एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए कुदरा गई थीं. सोमवार की शाम वह अपने पति के साथ बाइक पर सवार होकर वापस घर लौट रही थीं. बताया जाता है कि कुदरा-भभुआ मार्ग स्थित कूकुढ़ाल रोड के पास अचानक रीना देवी को चक्कर आया और वह बाइक से पीछे की ओर सिर के बल गिर गईं . हादसे में उन्हें गंभीर हेड इंजरी हुई .
सदर अस्पताल से वाराणसी किया गया था रेफर
घटना के बाद घायल महिला को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया. परिजनों के अनुसार वहां कुछ समय इलाज के बाद डॉक्टरों ने जवाब दे दिया, जिसके बाद उन्हें वाराणसी के शिवपुरी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
इलाज के दौरान महिला ने तोड़ा दम
निजी अस्पताल में कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद रीना देवी की हालत में सुधार नहीं हुआ . आखिरकार मंगलवार सुबह अचेतावस्था में ही उनकी मौत हो गई . मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव में शोक का माहौल बन गया. मृतका के भांजे मनीष कुमार चौरसिया ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल से वाराणसी ले जाते समय एंबुलेंस में रीना देवी को ऑक्सीजन नहीं लगाया गया था . उनका कहना है कि अगर समय पर ऑक्सीजन मिल जाती तो शायद उनकी जान बच सकती थी .
चार बच्चों के सिर से उठा मां का साया
रीना देवी अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गई हैं . बड़ी बेटी सोनम कुमारी की शादी हो चुकी है, जबकि खुशी, अमित और हिमांशु अभी छोटे हैं . परिजनों के अनुसार मूक-बधिर पुत्र अमित मां की मौत के बाद रो-रोकर बेहोश हो जा रहा है. भगवानपुर पंचायत के वार्ड सदस्य संजय प्रसाद ने बताया कि रीना देवी शादी समारोह में पूरी रात जागी थीं. लौटने के दौरान बाइक पर उन्हें झपकी आने लगी थी, जिससे संतुलन बिगड़ा और यह दर्दनाक हादसा हो गया.
उसी तूफानी शाम एक और युवती की भी गई थी जान
बताया जाता है कि उसी शाम भगवानपुर गांव की 17 वर्षीय सिंधु कुमारी भी तूफान के दौरान सड़क हादसे में घायल हुई थी . उसे भी हेड इंजरी हुई थी और वाराणसी ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा था. लेकिन घटना के 84 घंटे बाद उसकी भी मौत हो गई.
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