चैनपुर में जनगणना को लेकर मकान सूचीकरण तेज, नजरी नक्शा पर विशेष जोर
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KAIMUR NEWS.प्रखंड क्षेत्र में भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण का कार्य तेजी से जारी है. इस प्रक्रिया के तहत सबसे पहले नजरी नक्शा तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि क्षेत्र का कोई भी भवन छूटने न पाये.
बीडीओ क्षेत्र भ्रमण कर ले रहें जानकारी
चैनपुर.
प्रखंड क्षेत्र में भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण का कार्य तेजी से जारी है. इस प्रक्रिया के तहत सबसे पहले नजरी नक्शा तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि क्षेत्र का कोई भी भवन छूटने न पाये. प्रशासनिक स्तर पर इस कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है और प्रखंड विकास पदाधिकारी सह चार्ज अधिकारी शुभम प्रकाश स्वयं क्षेत्र का लगातार भ्रमण कर रहे हैं. क्षेत्र भ्रमण के दौरान चार्ज अधिकारी की ओर से प्रगणकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनसे आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी ली जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य के दौरान आने वाली किसी भी परेशानी का समाधान तत्काल किया जा रहा है, चाहे वह स्वयं के स्तर पर हो या मास्टर ट्रेनर के माध्यम से. इससे कार्य में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित हो रही है. शुभम प्रकाश ने प्रगणकों को निर्देश दिया कि नजरी नक्शा बनाते समय अत्यधिक सावधानी बरतें, क्योंकि यही नक्शा आगे चलकर भवनों की सटीक पहचान और आंकड़ों का आधार बनेगा. उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में प्रत्येक भवन को एक विशिष्ट नंबर देना अनिवार्य है, जिसमें आवासीय और गैर-आवासीय दोनों प्रकार के भवन शामिल होंगे. साथ ही, प्रगणकों को दिये गये मार्कर से संबंधित भवनों पर भी वही नंबर अंकित करना है. उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जब प्रगणक भवनों पर नंबर अंकित करें, तो गृह स्वामी को इस बात की जानकारी अवश्य दें कि ये नंबर भविष्य में फरवरी 2027 में होने वाली जनगणना के दौरान भी उपयोग में लाये जायेंगे. इसलिए इन नंबरों को किसी भी परिस्थिति में मिटाया नहीं जाये. चार्ज अधिकारी ने जानकारी दी कि कई प्रगणक क्षेत्र में मकान सूचीकरण का कार्य प्रारंभ कर चुके है और इसका डेटा सेंसस पोर्टल पर भी दिखाई देने लगा है. उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब जनगणना का कार्य पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है, इसलिए डेटा एंट्री के दौरान विशेष सतर्कता आवश्यक है. उन्होंने प्रगणकों को सख्त निर्देश देते हुये कहा कि सही जानकारी दर्ज करने के बाद डेटा को अनिवार्य रूप से सिंक करें, ताकि वह पर्यवेक्षक की आईडी पर पहुंच सके. इसके बाद पर्यवेक्षक द्वारा डेटा का सत्यापन किया जायेगा. यदि किसी प्रकार की गलत एंट्री हो जाती है, तो उसे तुरंत पर्यवेक्षक को सूचित करें, क्योंकि सत्यापन के बाद सुधार करना काफी कठिन हो जाता है. प्रखंड स्तर पर समय-समय पर पर्यवेक्षकों के साथ बैठक आयोजित कर कार्य की समीक्षा भी की जा रही है. इन बैठकों के माध्यम से कार्य की प्रगति का मूल्यांकन किया जाता है और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये जाते हैं.
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