लोजपा ने बढ़ते अपराध व गिरती विधि व्यवस्था के खिलाफ जिला मुख्यालय पर दिया धरना
भभुआ (सदर) : लोक जन शक्ति पार्टी ने गुरुवार को राज्य में बढ़ते अपराध, गिरती विधि व्यवस्था, दलितों पर बढ़ते जुल्म व राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करते हुए गुरुवार को समाहरणालय के सामने धरना दिया. धरने के माध्यम से नेताओं ने राज्य सरकार पर किसान विरोधी व धान की जगह शराब बेचने की चिंता करने का आरोप लगाया. धरने की अध्यक्षता लोजपा जिलाध्यक्ष रामयश कुशवाहा व संचालन दलित सेना के जिलाध्यक्ष बैरिस्टर पासवान ने किया.
जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब से राज्य में महागठबंधन की सरकार बनी है, तब से आपराधिक घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है. इसका प्रत्यक्ष उदाहरण लोजपा नेता ब्रिजनाथी सिंह की हत्या दिनदहाड़े प्रतिबंधित एके 47 से अपराधी द्वारा कर देना है. यह शर्म की बात है.
10 करोड़ की जनता की रक्षा करने की बात करने वाले सरकार के मुख्यमंत्री व मंत्री जब अपने ही क्षेत्र की जनता को सुरक्षित नहीं रख सकते, तो पूरे राज्य के लोगों की सुरक्षा की बात करनी सरासर बेमानी है. उन्होंने कहा कि इस महागंठबंधन की सरकार में एके 47 जैसे हथियार से हत्याएं होने लगी है. इसका बहुत कुछ श्रेय लालू प्रसाद को जाता है. लालू के सरकार में आने से अपराधियों में आत्मविश्वास जागा है. जो अपराधी राज्य छोड़ कर दूसरे राज्य में चले गये थे, वे अब वापस राज्य की ओर लौटने लगे हैं.
युवा लोजपा जिलाध्यक्ष गजेंद्र गुप्ता ने महागंठबंधन की सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि सरकार की निष्क्रियता के चलते धान की खरीदारी बिचौलियों के माध्यम से हो रही है. अब जब से सरकार नयी शराब नीति के तहत शराब बेचने की योजना बना रही है, तो किसान की धान खरीद छोड़ सरकार शराब बेचने की जुगत में लगी हुई है.
लोजपा द्वारा धरना प्रदर्शन के दौरान समाहरणालय पर सरकार द्वारा डीजल सब्सिडी, कृषि यंत्रों पर छूट, प्रशासन की निष्क्रियता और सदर अस्पताल भभुआ और अनुमंडल अस्पताल, मोहनिया में मरीजों का इलाज न कर उन्हें बाहर रेफर किये जाने जैसे ज्वलंत मुद्दे को उठाया गया और महामहिम राज्यपाल से राज्य में गिरते विधि व्यवस्था और अपराध के बढ़े ग्राफ पर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की. लोजपा के धरना कार्यक्रम के दौरान जिले भर से पार्टी नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
इस मौके पर मुख्य रूप से महिला सेल की अध्यक्षता मनोरमा देवी, जिला उपाध्यक्ष अनिल कुशवाहा, महिला नेत्री सह जिला पार्षद विजवंता बिंद, वीरेंद्र पासवान, मनीष चौबे, छोटे लाल राजभर, लाल बहादुर पासवान, अनिल पासवान व कोषाध्यक्ष अंजनी सिंह आदि मौजूद थे.
