भभुआ (नगर) : सोमवार को समाहरणालय गेट पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, बिहार के आह्वान पर जिला इकाई की महिलाएं अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठी. इसकी अध्यक्षता सुनीता देवी ने की. जिला सचिव ममता देवी, लाची देवी व रामपति देवी आदि ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की गरीब विरोधी नीति की वजह से 60 प्रतिशत गरीबों का नाम बीपीएल सूची से गायब है. 80 प्रतिशत बच्चे व 69 प्रतिशत महिलाएं कुपोषण व एनिमिया की शिकार हैं.
इनकी प्रमुख मांगों में जनवितरण प्रणाली में नगदी हस्तांतरण वापस लेने, सभी को सस्ता राशन देने, बढ़ते अपराध व महिला हिंसा की घटनाओं पर रोक लगाने, हिंसा विरोधी कानून को सख्ती से लागू करने, वृद्ध विधवा व विकलांगों को दो हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने, राज्य सरकार द्वारा पूर्ण शराबबंदी लागू करने, मध्याह्न भोजन, आशा, ममता व आंगनबाड़ी समेत सभी स्कीम के वर्करों को 15 सौ रुपये मानदेय देने की मांग की गयी.
वहीं, इन मांगों को लेकर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, बिहार राज्य कमेटी ने 16 फरवरी को पटना के कारगील चौक पर महिला महापंचायत का आयोजित की गयी है. इसमें अधिक-से-अधिक संख्या में पटना चलने का निर्णय लिया गया. धरने के दौरान, आशा देवी, सुशीला देवी, जीरा देवी, चंदा देवी, धनपति देवी, एतवारी देवी आदि मौजूद रहीं.
