कर्मनाशा (कैमूर) : धान खरीद के मामले में दुर्गावती प्रखंड के पैक्स व व्यापार मंडल अब तक लक्ष्य से कोसों दूर है. 92 हजार क्विंटल लक्ष्य के अनुरूप 6728 क्विंटल धान ही 28 जनवरी तक खरीद की गयी है.
दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र के 13 पैक्सों में 10 पैक्स ही धान खरीद कर रहे हैं. सावठ, मसौढा पैक्स धान की खरीद नहीं कर रहे हैं. सावठ का कर्णपुरा, मसौढा का डुमरी, छांव का खमीदौरा पैक्स को धान खरीद करने की जिम्मेवारी दी गयी है. धान क्रय केंद्रों को 31 मार्च तक लक्ष्य को प्राप्त करना है. इन क्रय केंद्रों में ढड़हर पंचायत की पैक्स अध्यक्ष रूप नारायण साव ने बताया कि अब तक मेरे पंचायत में 12 हजार क्विंटल लक्ष्य के अनुरूप 1,350 क्विंटल धान 15 किसानों से खरीदा जा चुका है. क्षेत्र के किसानों को घूम-घूम कर अपना धान पैक्स में भेजने को कहा जा रहा है. व्यापार मंडल का गोदाम मुख्यालय में नहीं है.
व्यापार मंडल ने गोदाम कुसहरियां में भाड़े पर लिया गया है. व्यापार मंडल द्वारा एक फरवरी से धान की खरीद शुरू की गयी है. व्यापार मंडल ने आठ हजार क्विंटल लक्ष्य के अनुरूप 12 किसानों से एक हजार क्विंटल धान की खरीद की है. हालात यह है कि दुर्गावती प्रखंड में काफी देर से धान की खरीद शुरू होने से ज्यादातर किसान औने-पौने दामों में बाजारों में धान बेच चुके हैं. बहुत कम किसानों के पास धान बचा है.
कर्णपुरा गांव के किसान सह भाजपा नेता दारा सिंह ने बताया कि धान खरीद के मामले मे दुर्गावती की स्थिति बदतर है. धान की खरीद में काफी देर होने से 90 प्रतिशत किसानों का धान औने-पौने दामों में बाजारों में बिक चुका है. 10 प्रतिशत किसानों का धान बचा है.
ऐसी हालत में इस वर्ष भी इसका फायदा बिचौलिये ही उठायेंगे. आढ़तों का धान बिचौलियों के माध्यम से क्रय केंद्रों पर पहुंचने की फिर आशंका बढ़ गयी है. हालात को देखते हुए देर से शुरू हुई धान की खरीद में भारी घपले बाजी होने की आशंका है. क्योंकि, धान की खरीद शुरू है और किसानों को जानकारी भी नहीं दी जा रही है. कई क्रय केंद्रों पर केवल कागजों पर ही खरीद हो रही है, जिसकी जांच होनी चाहिए. नहीं तो किसान आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
