10 फरवरी तक फोल्डर जमा नहीं करने पर प्राथमिकी

भभुआ (नगर) : नियोजित शिक्षकों से जुड़े फोल्डर जमा नहीं करने वाली नियोजन इकाइयों पर कार्रवाई तय है. इसके लिए विभाग द्वारा आगामी 10 फरवरी तक की डेडलाइन तय की गयी. इस तिथि तक जिन नियोजन इकाइयों द्वारा फोल्डर उपलब्ध नहीं कराये जायेंगेे उन पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जायेगी. पिछले दिनों विभाग […]

भभुआ (नगर) : नियोजित शिक्षकों से जुड़े फोल्डर जमा नहीं करने वाली नियोजन इकाइयों पर कार्रवाई तय है. इसके लिए विभाग द्वारा आगामी 10 फरवरी तक की डेडलाइन तय की गयी. इस तिथि तक जिन नियोजन इकाइयों द्वारा फोल्डर उपलब्ध नहीं कराये जायेंगेे उन पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जायेगी.
पिछले दिनों विभाग के अधिकारियों के साथ प्रधान सचिव की हुई बैठक में फोल्डर जमा करने की डेडलाइन तय की गयी.
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 5252 प्राइमरी शिक्षकों के फोल्डर विभाग द्वारा जमा कराने का निर्देश था इसके विरुद्ध अब तक 3434 फोल्डर ही शिक्षा विभाग के सत्यापन कोषांग में जमा कराया गया है.
1818 फोल्डर अब तक जमा नहीं कराये गये हैं. अब देखना है कि विभाग द्वारा जारी डेडलाइन के भीतर शेष नियोजन इकाइयां फोल्डर जमा करती हैं या उन पर एफआइआर दर्ज करायी जाती है.
विगत वर्षों में शिक्षकों से जुड़े फोल्डर उपलब्ध कराने को लेकर विभाग द्वारा कई बार प्रखंड व पंचायत नियोजन इकाइयों को निर्देशित किया गया. वहीं निगरानी विभाग द्वारा भी पूरा शिकंजा कसा गया.
इस दौरान जिले में कई शिक्षकों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया. जिले के दो फर्जी शिक्षकों पर प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी, लेकिन इतनी बड़ी संख्या शिक्षकों के फोल्डर विभाग में जमा नहीं होने पर यह सवाल खड़ा हो रहा है कि कहीं ये शिक्षक फर्जी तो नहीं. शिक्षकों से जुड़े फोल्डर उपलब्ध कराने में सबसे ज्यादा टालमटोल पंचायत नियोजन इकाइयों द्वारा की गयी है.
जिले में कुल 147 पंचायत नियोजन इकाइयों में सिर्फ 61 पंचायत नियोजन इकाइयों द्वारा फोल्डर उपलब्ध कराये गये हैं. वहीं जिले के 11 प्रखंडों में अब तक 7 प्रखंडों द्वारा फोल्डर उपलब्ध कराये गये हैं. पंचायत नियोजन इकाइयां इस मामले में शक के घेरे में हैं. कई पंचायत नियोजन इकाइयों के विरुद्ध निगरानी विभाग में शिकायत भी की गयी है.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना)देवबिंद कुमार ने बताया कि फोल्डर जमा करने के लिए आगामी 10 फरवरी तक की समयसीमा निर्धारित है.
उक्त तिथि तक फोल्डर जमा नहीं करने वाले नियोजन इकाइयों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जायेगी. वहीं जिन नियोजन इकाइयों के पास अभिलेख नहीं है तो उन्हें यह निर्देश दिया गया है कि दोषी व्यक्ति के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर उसके प्रति विभाग के सत्यापन कोषांग में जमा करें.

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