भभुआ (कार्यालय) : एक तो गरीबी वहीं दूसरी तरफ गंभीर बीमारी से ग्रसित. मरीज को देख कर शायद ही कोई ऐसा हो जो उसकी मदद ना करे. लेकिन, सदर अस्पताल में गरीब व लाचार मरीजों को मदद पहुंचाना, तो दूर वहां के कर्मी सरकार से मिलने वाली सुविधा को दरकिनार कर गरीब व लाचार मरीजों से जबरन पैसा वसूल मानवता को शर्मसार कर रहे हैं. शुक्रवार को कुछ इसी तरह का मामला सामने आया.
सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के यहां शिकायत करने पहुंचे अजय प्रसाद ने बताया कि गत 24 जनवरी की रात को उन्होंने अपने बहनोई लक्ष्मण कुमार को गंभीर स्थिति में सदर अस्पताल में भरती कराया था. यहां चिकित्सकों ने उनकी किडनी में परेशानी बता वाराणसी रेफर कर दिया. 25 तारीख की सुबह उन्होंने एंबुलेंस के लिए टॉल फ्री नंबर 1099 पर फोन किया.
उसका चालक आया व उसने वाराणसी जाने की सहमति जतायी, लेकिन इसके एवज में 11 सौ रुपये की मांग की. इसके बाद उन्होंने मरीज का बीपीएल कार्ड उसके गांव भगवानपुर थाना के बल्लीपुर गांव से मंगा कर ड्राइवर को दिया और कहा कि नियम के मुताबिक गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर करने वाले बीपीएल कार्डधारियों को मुफ्त में एंबुलेंस सेवा देने का सरकारी प्रावधान है. पहले तो एंबुलेंस चालक ने बीपीएल कार्ड व मरीज के पुरजे पर अंकित नाम में अंतर बता उसे मुफ्त में ले जाने से मना कर दिया.
लेकिन, जब उक्त व्यक्ति ने मरीज का नाम सुधरवा के लाया तो एंबुलेंस चालक ने उसके मजबूरी का लाभ उठाते हुए कहा कि वह फ्री में नहीं ले जायेगा. अंत में उक्त मरीज के परिजनों ने हार कर 11 सौ रुपया चालक को दिया. उक्त एंबुलेंस चालक ने उसे वाराणसी पहुंचाया. अजय की इस शिकायत पर सिविल सर्जन केवीपी सिंह ने मामले की पड़ताल करायी, तो पता चला कि 1099 एंबुलेंस को खराब होने का हवाला देकर चालक कई दिनों से गाड़ी को खड़ा किये हुए है और वह उपस्थिति पंजी में अपनी उपस्थिति भी नहीं बना रहा है.
ना ही इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी गयी है कि एंबुलेंस चालू हो गया है. चालक के इस गोरखधंधे का खुलासा होने पर सिविल सर्जन ने कहा कि मामले की जांच करा चालक के उपर सख्त कार्रवाई की जायेगी. नियम के मुताबिक किसी भी बीपीएलधारी मरीज से एंबुलेंस सेवा के एवज में पैसा नहीं लेना है.
