सरकारी कारनामा. मौत पिता की, पर मृत बता दी गयी मां
भगवानपुर (कैमूर) : सरकारी नुमाइंदों का एक हैरान कर देने वाला कारनामा सामने आया है. पदाधिकारियों ने भगवानपुर प्रखंड के मकरीखोह गांव की एक जीवित महिला का मृत्यु प्रमाणपत्र बना दिया गया है.
दरअसल आवेदक ने अपने पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए आवेदन दिया था, पर मां का मृत्यु प्रमाणपत्र बना दिया. मकरीखोह गांव की बुधनी कुंवर आज भी जीवित है और वह कैमूर पहाड़ी के उपर बसे अपने गांव मकरीखोह में सब कुछ से बेखबर अपना जीवन गुजर बसर कर रही हैं. लेकिन, सरकारी दस्तावेज में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है.
सरकारी दस्तावेज में मृत बुधनी कुंवर के जीवित होने की खबर जब प्रभात खबर के संवाददाता को मिली, तो वह इसकी पड़ताल में मकरीखोह गांव पहुंचे और जब हरीचरण मुसहर का घर पूछते उनके दरवाजे पर पहुंचे, तो पाया कि मृत घोषित की गयी करीब 80 वर्षीय बुधनी अपने घर में बैठी हैं.
पूरे मामले की पड़ताल की गयी, तो पता चला कि 17 सितंबर 2014 को बुधनी कुंवर के पति हरिचरण मुसहर की मृत्यु हो गयी. उनका मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए अधिकृत आंगनबाड़ी सेविका को हरिचरण के पुत्र राधा मुसहर ने आवेदन दिया था, ताकि उसे कबीर अंत्येष्टि सहित मरणोपरांत मिलने वाले सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके. इधर, मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए अधिकृत आंगनबाड़ी सेविका ने बिना मामले की पड़ताल किये राधा मुसहर के पिता हरिचरण मुसहर की जगह उसकी मां बुधनी कुंवर का मृत्यु प्रमाणपत्र बना दिया. जब उक्त मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर गुरुवार को राधा मुसहर योजनाओं के तहत मिलनेवाले लाभ के लिए आवेदन करने गये, तो इसका खुलासा हुआ.बीडीओ को नहीं है जानकारी : विकास पदाधिकारी ऋतुराज कुमार ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है.
