भभुआ (नगर) :संपूर्ण नियोजन की मांग को लेकर बिहार राज्य टीइटी एसटीइटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी संघ की जिला इकाई ने बुधवार को शहर में आक्रोश मार्च निकाला. इसकी अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष कुमार विश्वज्योति व देख रेख दीपक कुमार ने की. अभ्यर्थियों ने पूरे शहर का भ्रमण करते हुए सरकार के अन्यायपूर्ण रवैये के खिलाफ जम कर नारेबाजी की. आक्रोश मार्च में अभ्यर्थी संपूर्ण नियोजन की मांग को लेकर समाहरणालय पहुंचे.
समाहरणालय गेट पर आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान जिला प्रवक्ता सत्येंद्र कुमार ने कहा कि संपूर्ण नियोजन की मांग पर सरकार टालमटोल कर रही है. वर्तमान सरकार में शिक्षा विभाग के कार्यालयों में प्रति नियोजन के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है. इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है. ऐसे शिक्षकों को उनके मूल विद्यालय में योगदान नहीं कराया जाता है, तो संघ द्वारा फरवरी माह में आमरण अनशन किया जायेगा.
वहीं जिला महामंत्री अमित चौबे ने कहा कि शिक्षकों की कागजातों की जांच कर रहा निगरानी विभाग को भी शिक्षा विभाग द्वारा भ्रमित किया जा रहा है. इसे लेकर संघ हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटायेगा. जिला संयोजक अरबिंद कुमार सिंह ने कहा कि सरकार स्पेशल टीइटी-एसटीइटी परीक्षा लेने की तैयारी कर रही है, जबकि अब कई अभ्यार्थी बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं.
जब तक शत प्रतिशत संपूर्ण नियोजन नहीं हो जाता, तब तक स्पेशल टीइटी परीक्षा किसी भी कीमत पर आयोजित नहीं होने दी जायेगी. अभ्यार्थियों का दल जब पैदल मार्च करते हुए समाहरणालय के मुख्य गेट के पास स्थित धरना स्थल पर पहुंचा, तो वहां पहले से खड़े किये गये वाहनों की वजह से सभा करने में दिक्कत हुई.
इसे लेकर अभ्यार्थी आक्रोशित हो उठे और समाहरणालय के मुख्य द्वार को जाम कर नारेबाजी करने लगे. इससे काफी देर तक समाहरणालय आने व जाने वाले लोगों को इंतजार करना पड़ा. इसके बाद मौके पर भभुआ एसडीओ ललन प्रसाद व डीएसपी मुख्यालय दिलीप कुमार झा ने पहुंच कर वाहनों को हटवाया तब अभ्यार्थियों ने वहां सभा आयोजित की. आक्रोश मार्च एवं धरना प्रदर्शन के दौरान जय प्रकाश जायसवाल, परमेश्वर सिंह, मधुरेंद्र कुमार, संतोष गुप्ता, आरती कुमारी, नीलम देवी आदि मौजूद थे.
