वृद्ध की हत्या में आजीवन कारावास की सजा

भभुआ (कोर्ट) : अपर जिला व सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत ने दुर्गावती थाना क्षेत्र के बढुरी ग्राम निवासी वीर बहादुर सिंह उर्फ लक्की सिंह को हत्या और 27 आर्म्स एक्ट में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनायी. अर्थदंड नहीं देने पर लक्की सिंहपांच वर्ष का […]

भभुआ (कोर्ट) : अपर जिला व सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत ने दुर्गावती थाना क्षेत्र के बढुरी ग्राम निवासी वीर बहादुर सिंह उर्फ लक्की सिंह को हत्या और 27 आर्म्स एक्ट में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनायी. अर्थदंड नहीं देने पर लक्की सिंहपांच वर्ष का सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये का अर्थदंड देना होगा. पांच रुपये का अर्थदंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी.
गौरतलब है कि सूचक दुर्गावती थाने के बढुरी निवासी मिठाई लाल ने 30 अगस्त, 2007 को अपने पिता गुलाब साह की हुई हत्या में लाल बहादुर साह, रामाकांत साह, जंग बहादुर सिंह, बहादुर साह व वीर बहादुर सिंह उर्फ लक्की सिंह के खिलाफ दुर्गावती थाने में कांड संख्या 87/07 के तहत मामला दर्ज कराया था. सभी आरोपितों ने गली में नाली के पानी बहाने को लेकर गुलाब सिंह की हत्या की थी. घटना के दिन रात 11 बजे सभी आरोपितों ने गांव के बधार में बनी फूस की मड़ई में सो रहे उसके 80 वर्षीय गुलाब साह के साथ गाली-गलौज की.
इस दौरान वीर बहादुर सिंह उर्फ लक्की कट्टे से गुलाब साह को गोली मार कर हत्या कर दी. सूचक ने पूर्व में चल रहे विवाद को लेकर न्यायालय में सूचना पत्र सनहा भी दाखिल किया था. बचाव पक्ष से अधिवक्ता शिवशंकर अग्रवाल व अरविंद कुमार सिंह और अभियोजन की तरफ से राकेश कुमार सिंह ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं.

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