प्रेरकों का मानदेय 2014 से लंबित रामगढ़ (कैमूर). प्रखंड में कार्यरत प्रेरकों का मानदेय लंबे समय से रूका है. इससे उनके सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. प्रेरकों का मानदेय फरवरी 2014 से ही लंबित है. भारत साक्षर मिशन के तहत इन प्रेरकों को मास्टर रोल के आधार पर नियुक्ति किया गया था. इन्हें दो हजार रुपये प्रतिमाह देने का प्रावधान है. मानदेय का भुगतान नहीं होने से प्रेरकों के सामने विकट समस्या उत्पन्न हो गयी है. प्रेरकों ने अपने मानदेय भुगतान को लेकर निवेदन पत्र विभाग को भेज चुके हैं, लेकिन भुगतान के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिलता है. पूर्व साक्षरता सचिव सह कार्यकारणी सदस्य कन्हैया सिंह ने विभाग के रैवेये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मानदेय नहीं मिलने से स्थिति काफी खराब हो चुकी है. पीने के पानी की दिक्कत चांद(कैमूर). सिरहिरा पंचायत के अइलाय गांव में पेयजल संकट गहरा गया है. इसका मुख्य कारण लगातार सबमर्सिबल चलाया जाना बताया जा रहा है. जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि गांव के सभी सरकारी व निजी चापाकल बंद हो गये हैं. सबमर्सिबल बंद हो जाता है, तो कुछ चापाकल चलते हैं. ज्यादातर घरों में काफी दूर से पीने के लिए पानी लाया जाता है. ग्रामीण मनोज खरवार, अनिल पासवान व दाऊ सिंह इस समस्या के समाधान के लिए कई बार जनप्रतिनिधि, प्रखंड प्रशासन व पीएचइडी से शिकायत की. लेकिन, कोई सुनवाई नही हुई.
प्रेरकों का मानदेय 2014 से लंबित
प्रेरकों का मानदेय 2014 से लंबित रामगढ़ (कैमूर). प्रखंड में कार्यरत प्रेरकों का मानदेय लंबे समय से रूका है. इससे उनके सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. प्रेरकों का मानदेय फरवरी 2014 से ही लंबित है. भारत साक्षर मिशन के तहत इन प्रेरकों को मास्टर रोल के आधार पर नियुक्ति किया गया था. […]
