Jehanabad News: जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने शहरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. शहर के वार्ड संख्या नौ स्थित आदर्श कॉलोनी के निवासियों की मुश्किलें चरम पर पहुंच चुकी हैं. इस मोहल्ले में पहले से ही एक माह से अधिक समय से जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई थी, लेकिन हालिया बारिश ने यहां की स्थिति को पूरी तरह नारकीय बना दिया है. मुख्य गलियों में एक फीट से अधिक पानी भरा होने के कारण स्थानीय नागरिकों का अपने ही घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है.
गली और नाली का पानी हुआ एक, घरों में घुसी गंदगी
जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गलियों में जमा गंदा पानी और नालियों का गंदा कचरा एक समान स्तर पर आ चुका है. स्थिति इतनी विकट हो गई है कि बारिश होते ही यह दूषित और बदबूदार पानी लोगों के घरों के भीतर प्रवेश कर जाता है. घर के अंदर नाली का गंदा पानी जमा हो जाने से गृहस्वामियों को घंटों बाल्टियों से पानी निकालने की जद्दोजहद करनी पड़ रही है. कई परिवारों के सामने खाना बनाने और रोजमर्रा के कार्यों को निपटाने का संकट खड़ा हो गया है. बच्चे और बुजुर्ग इसी गंदे पानी से होकर आवाजाही करने को मजबूर हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.
बिजली कॉलोनी की दीवार के सुराग बंद होने से गहराया संकट
मोहल्ले की निवासी रेणु देवी ने समस्या की मुख्य वजह बताते हुए कहा कि आदर्श कॉलोनी शहर की बिजली कॉलोनी की पूर्वी दीवार से सटी हुई है. पहले बिजली कॉलोनी की इस दीवार में पानी निकासी के लिए जगह-जगह निकासी सुराग बने हुए थे, जिनसे मोहल्ले का बरसाती पानी बिजली कॉलोनी के बड़े नालों से होकर आसानी से निकल जाता था. लगभग एक माह पूर्व बिजली विभाग द्वारा दीवार के उन सभी निकास सुरागों को पूरी तरह बंद कर दिया गया. इस रुकावट के बाद से ही मोहल्ले का गंदा पानी गलियों में एकत्र होने लगा और अब बारिश ने स्थिति को बेकाबू बना दिया है.
नगर परिषद प्रशासन की उदासीनता से नागरिकों में भारी आक्रोश
मोहल्ले के नागरिकों का कहना है कि वे इस विकट जलभराव से मुक्ति और वैकल्पिक जल निकासी की समुचित व्यवस्था के लिए नगर परिषद के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटकर थक चुके हैं. बार-बार शिकायत और गुहार लगाने के बावजूद नगर प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. मोहल्लेवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मोटर पंप लगाकर पानी निकासी और नाले के निर्माण की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे.
