Jehanabad : भू-अभिलेख सुधारने के लिए राजस्व महाअभियान में रैयतों की लग रही भीड़

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के दिशा निर्देश व डीएम अलंकृता पांडेय के नेतृत्व में जिले में राजस्व महाअभियान चल रहा है. इस अभियान के तहत विभिन्न पंचायतों में जमाबंदी वितरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है.

जहानाबाद नगर. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के दिशा निर्देश व डीएम अलंकृता पांडेय के नेतृत्व में जिले में राजस्व महाअभियान चल रहा है. इस अभियान के तहत विभिन्न पंचायतों में जमाबंदी वितरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है. साथ ही ग्रामीणों को अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए भूमि अभिलेखों की शुद्धता से मिलने वाले लाभों के प्रति जागरूक किया गया है. रैयतों को बताया गया है कि भूमि अभिलेखों की शुद्धता केवल प्रशासनिक कार्यवाही नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक रैयत के जीवन में स्थायित्व, पारदर्शिता और सुरक्षा का आधार बनेगी. राजस्व महाअभियान केवल कागजी सुधार का उपक्रम नहीं है, बल्कि यह रैयतों को सशक्त बनाने की एक ठोस पहल है. भूमि अभिलेखों की शुद्धता से न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी बड़ा लाभ मिलेगा. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक रैयत को उनकी भूमि से संबंधित सही और पारदर्शी दस्तावेज उपलब्ध कराना है. दाखिल-खारिज, परिमार्जन एवं अन्य सुधार कार्यों को त्वरित गति से पूरा किया जाएगा, ताकि भूमि संबंधी विवादों से बचाव हो सके और स्थायी समाधान मिल सके. भूमि अभिलेखों की शुद्धता के आधार पर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और बैंकों से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया भी सरल हो जायेगी. जिले के प्रत्येक पंचायत और गांव तक इस महाअभियान को पहुँचाने के लिए शिविर का आयोजन हो रहा है. शिविरों में बड़ी संख्या में रैयत अपनी भू अभिलेख को सुधरवाने के लिए पहुंच रहे हैं. हालांकि रैयतो के पास पूर्व से जरूरी कागजात उपलब्ध नहीं है. जिसे वह प्रमाण के रूप में जमा कर सकें. ऐसे में रैयत जरूरी कागजात के इंतजाम करने में परेशान दिख रहे हैं. रैयत अभिलेखागार का चक्कर काटते दिख रहे हैं जहां से उन्हें अपने पूर्वजों के जमीन से संबंधित खतियान मिलना है. खतियान से ही स्पष्ट हो पाएगा कि संबंधित जमीन उनके पूर्वज का है. पंचायत में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहाँ रैयतों के जमीन संबंधी त्रुटियों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है. विवादित मामलों को भी नियमानुसार सुलझाया जाएगा, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी. दरवाजे पर ही समाधान की सुविधा से अब रैयतों को अतिरिक्त समय और श्रम की बचत होगी. राजस्व महा अभियान में रैयतो को अपने भू अभिलेख सुधरवाने के लिए कागजातों की आवश्यकता पड़ रही है. पूर्वजों के जमीन से संबंधित कागजात उपलब्ध कराने में रैयतो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बड़ी संख्या में ऐसे रैयत हैं जिनके पास कागजात उपलब्ध नहीं है उनके पास सिर्फ रसीद उपलब्ध है. ऐसे में रयत जमीन से संबंधित कागजात उपलब्ध कराने के लिए अभिलेखागार का चक्कर लगा रहे हैं.

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By MINTU KUMAR

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