रतनी
. प्रखंड क्षेत्र के खैरुचक मठिया गांव में गुरुवार को हुई अगलगी की घटना के बाद शुक्रवार को अग्निशमन विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया. अग्निशामक कर्मी सोनू कुमार, अग्निक चंदन कुमार एवं आयुष कुमार ने ग्रामीणों को अगलगी के घटना से बचाव की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अगलगी के दौरान धैर्य व निर्भयता के साथ तत्काल सुलभ संसाधनों से आग पर काबू पाया जा सकता है. वहीं रसोई गैस सिलिंडर से होने वाली घटना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिलिंडर में आग लगने के बाद उसमें बीस मिनट के बाद विस्फोट होता है. इस कीमती 20 मिनट के दौरान उपलब्ध पानी को पूरी ताकत से सिलिंडर में लगी आग पर बौछार किया जाये व हवा से संपर्क तोड़ दिया जाए, तो आग पर काबू पाया जा सकता है. वहीं भोजन पकाने से पूर्व गैस पाइप को भींगे कपड़े से पोंछ लेने पर इस बात का पता चल जाता है कि उसमें कहीं लिकेज तो नहीं है.
उन्होंने कहा कि अगलगी के तीन मुख्य कारणों में उच्च ताप, हवा व ईंधन जिम्मेवार होते हैं, अन्य कारणों से अगलगी की घटना एवं उसमें बरती जाने वाली सतर्कता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि दुकानों, होटलों व सार्वजनिक स्थानों पर अग्नि निरोधक निवारण यंत्र की व्यवस्था रखने जलती माचिस की तीली, सिगरेट, बीड़ी का टुकड़ा नही फेंकने, फूस की झोपड़ी को मिट्टी व गोबर से लेप कर रखने, ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब की व्यवस्था, विद्युत तार पर अधिक लोड नहीं देने आदि जैसे महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी दी गयी. मौके पर अग्निक के अलावा ग्रामीण भोला शंकर सहित कई लोग उपस्थित थे.
