जहानाबाद.
सदर अस्पताल में उस समय अफरातफरी का माहौल उत्पन्न हो गया, जब एक बच्चे की मौत के बाद उसके परिजन उग्र हो गये व अस्पताल में ही हंगामा और रोड़ेबाजी करने लगे. रोड़ेबाजी की इस घटना में सदर अस्पताल में तैनात तीन गार्ड जख्मी हो गये. दरअसल सदर अस्पताल में शुक्रवार की सुबह कुछ लोग तीन साल के बच्चे को दिखाने के लिए लाये थे. बताया जा रहा है कि वे लोग शहर के आंबेडकर नगर के रहने वाले थे. इमरजेंसी के चिकित्सक उसे मृत बता दिया लेकिन वे लोग बच्चे को दिखाने की जिद कर रहे थे. इसके बाद इमरजेंसी के चिकित्सक ने उसे इलाज के लिए एसएनसीयू में भेज दिया. अस्पताल का एक गार्ड अनिल शर्मा उसे लेकर एसएनसीयू गया. वहां के चिकित्सक ने जांच कराने के बाद उसे मृत बता दिया. इसके बाद बच्चे के परिजन यह कहकर गार्ड को पीटना शुरू कर दिया कि उसने लाने में देरी कर दी. उन्हें बचाने के लिए दो और गार्ड आये, जिस पर बच्चे के परिजनों ने रोड़ेबाजी शुरू कर दी. इस घटना में दो अन्य गार्ड सुमन और अखिलेश्वर भी जख्मी हो गये. इस मामले में एसएनसीयू के प्रभारी डॉ चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि बच्चा 3 महीने से अधिक उम्र का था, जो मृत लाया गया था. एसएनसीयू में एक महीने से कम उम्र के बच्चे का इलाज होता है लेकिन मानवता के नाते वहां के चिकित्सक ने बच्चे की जांच की, वह पूर्व से ही मृत था. मृतक के परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी के चिकित्सक ने बच्चे का इलाज नहीं किया, जिसके कारण देर हो गयी.
