जहानाबाद/रतनी/मखदुमपुर/करपी : दरधा, जमुनइया, मोरहर और बलदइया उफान पर हैं. नदी तटीय इलाके पूरी तरह जलमग्न हैं. कई इलाकों में यातायात पूरी तरह ठप है. हालांकि जिलावासियों के लिए राहत भरी खबर यह है कि दरधा की रफ्तार और बारिश पर ब्रेक लग गया है, लेकिन जमुनइया के उफान से स्थिति यथावत बनी है. शहरी क्षेत्र के अधिकतर टोले-मुहल्ले पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं. जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.
रुकी दरधा की रफ्तार, उफनायी जमुनइया, दहशत कायम
जहानाबाद/रतनी/मखदुमपुर/करपी : दरधा, जमुनइया, मोरहर और बलदइया उफान पर हैं. नदी तटीय इलाके पूरी तरह जलमग्न हैं. कई इलाकों में यातायात पूरी तरह ठप है. हालांकि जिलावासियों के लिए राहत भरी खबर यह है कि दरधा की रफ्तार और बारिश पर ब्रेक लग गया है, लेकिन जमुनइया के उफान से स्थिति यथावत बनी है. शहरी […]

कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हैं. 15-20 फुट पानी भरा है. जिला प्रशासन द्वारा बनाये गये राहत कैंप में कई बाढ़पीड़ितों को ठहराया गया है. उनके रहने और खाने की मुक्कमल व्यवस्था भी की गयी है. डीएम नवीन कुमार एवं एसपी मनीष सोमवार को पूरे दिन घूम-घूम कर बाढ़ग्रत क्षेत्रों का मुआयना करते रहे.
एसडीआरएफ की टीम को भी बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगाया गया है. सरकारी राहत से इतर एसडीओ प्रभात भूषण श्रीवास्तव एवं समाजसेवी संतोष श्रीवास्तव के नेतृत्व में बाढ़पीड़ितों के बीच राहत सामग्री मुहैया करायी गयी. शहर के राजेंद्र जिला पुस्तकालय में सामाजिक सरोकार से जुड़ी कई स्वयंसेवी संस्थाएं, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं पुलिस महकमे के द्वारा राहत सामग्री जुटाकर शहरी क्षेत्र के कई मुहल्लों में बांटी गयी.
राहत कार्य में नप के उपाध्यक्ष कृष्णा गुप्ता, वार्ड मुकेश भारद्वाज, पूर्व वार्ड पार्षद मुकेश कुमार, भाइजान, रामबिंदु सिंहा, संजय सिन्हा, संजय कुमार एवं रजनीश कुमार विक्कू समेत कई लोग तन-मन-धन से राहत पहुंचाने में जुटे हैं.
पुलिस लाइन और समाहरणालय परिसर में भरा पानी, कई इलाके भी जलमग्न : शहर में बाढ़ के पानी के लगातार फैलने से कई इलाके जलमग्न हो गये. जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन और समाहरणालय में दो से ढाई फुट पानी भर गया है.
कर्मचारी किसी तरह ड्यूटी करने पहुंचे. वहीं समाहरणालय में बाढ़ के कारण आम जनता के न पहुंचने से सन्नाटा छाया रहा. आलाधिकारी क्षेत्र में बाढ़ राहत और निगरानी कार्य में व्यस्त दिखे. एनएच 83 पर बतीस भंवरिया पुल के पास लगभग 3-4 फुट पानी आ जाने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है.
वहीं देवरिया, दांगी नगर और काली नगर मुहल्ले में भी दर्जनों घरों में लोग फंसे हुए हैं. एसडीआरएफ की टीम लोगों को निकालने और बाढ़ राहत में जुटी हुई है. वहीं पश्चिमी गांधी मैदान और होरिलगंज के इलाके में फंसे हुए लोगों को पेयजल की खासी किल्लत झेलनी पड़ रही है.
पानी में डूबा मां मांडेश्वरी का परिसर : संगम तट के किनारे गौरक्षणी में स्थित मां मांडेश्वरी मंदिर के परिसर में 2-3 फुट पानी भर जाने के कारण भक्तों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मंदिर में पूजा-पाठ और नवरात्रि की तैयारियों पर भी असर पड़ा है. परिसर में स्थित शिवलिंग और नंदी पूरी तरह पानी में डूब गये हैं. वहीं सूर्य मंदिर आधे से अधिक पानी में डूब गया है.
बाढ़ ने नवरात्रि भक्तों के उत्साह पर पानी फेर दिया है. वहीं शहर के गौरक्षणी स्थित लक्ष्मी-नारायण मंदिर, संगम के गांधी मैदान तट किनारे स्थित शिव मंदिर में भी पानी भर गया है. करीब दर्जन भर मंदिरों में पानी भर जाने के कारण नवरात्रि का त्योहार फीका पड़ गया. ठाकुरबाड़ी स्थित पूजा पंडाल में कई फुट पानी रहने के कारण तैयारियां बाधित हो गयी हैं.
शकुराबाद पुल पर बह रहा दो से तीन फुट पानी : रतनी प्रतिनिधि के अनुसार मोरहर व बलदइया नदी उफान पर रहने के कारण बाढ़ की स्थिति कायम है. शकुराबाद-कुर्था मुख्य मार्ग पर शकुराबाद मोरहर नदी में बने पुल पर दो से तीन फुट पानी बह रहा है.
वहीं शकुराबाद नहर के समीप दो फुट पानी बहने से आवागमन ठप पड़ा हुआ है. वहीं रतनी छिलका, नेहालपुर, शकुराबाद मुख्य सड़क में मठिया गांव के समीप दो फुट पानी बहने के कारण यह मार्ग भी बंद हो गया है. इतना ही नहीं, छोटकी चैनपुरा, बसंतपुर गांव के समीप सड़क पर पानी बहने से लोगों को आवागमन में काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
हालांकि मोरहर व बलदइया नदी में अभी कुछ पानी कमा है, बावजूद नारायणपुर, सिकंदरपुर, सेसम्बा, उचिटा, रतनी, कंसुआ पंचायत के कई गांव के बाधार के साथ-साथ घरों में भी पानी घुसने लगा है. मुरहरा पावर सब स्टेशन में पानी घुसे रहने के कारण दो दिनों से पावर सबस्टेशन बंद पड़ा हुआ है.
शो एंड सैंडल शो रूम में घुसा बाढ़ का पानी
शहर के स्टेट बैंक के समीप संचालित शो एंड सैंडल शो रूम के गोदाम में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. बाढ़ का पानी घुसने से लाखों का नुकसान हुआ है. शो रूम के मालिक अभिमन्यु कुमार ने बताया कि दशहरे को लेकर हाल के दिनों में ही करीब 12-15 लाख रुपये का स्टॉक रखा था. कई ब्रांडेड कंपनियों के जूते-चप्पल बर्बाद हो गयी हैं. सोमवार की अहले सुबह सूचना मिली कि दुकान के गोदाम में भी बाढ़ का पानी रेलवे लाइन के किनारे से प्रवेश कर गया है.
जब तक लोग स्टॉक को बाहर निकालते तब तक काफी सामान का नुकसान हो चुका था. हालांकि कुछ सामग्री को सुरक्षित निकाला गया है, बावजूद 10-12 लाख के नुकसान का आकलन किया जा रहा है. इससे पहले रविवार को भी स्टेट बैंक के समीप एक मार्केट कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में संचालित कपड़े के एक शो रूम, जगुआर के शो रूम, प्रिंटिंग प्रेस एवं सिटी स्कैन सेंटर में पानी घुसने से करोड़ों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है.