रमजान का चांद दिखा, पहला रोजा आज, तरावीह शुरू

जहानाबाद : माह-ए-रमजान के चांद का दीदार सोमवार को हुआ. चांद का दीदार होते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो गयी. चांद देखे जाने का एलान होते ही लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकवाद दी. घरों से निकल कर लोग सड़क पर आ गये और सहरी की तैयारी में जुट गये. बाजार जाकर किसी […]

जहानाबाद : माह-ए-रमजान के चांद का दीदार सोमवार को हुआ. चांद का दीदार होते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो गयी. चांद देखे जाने का एलान होते ही लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकवाद दी. घरों से निकल कर लोग सड़क पर आ गये और सहरी की तैयारी में जुट गये. बाजार जाकर किसी ने नान रोटी की खरीदारी की, तो किसी ने सेवई-दूध की खरीदारी की. मौलाना शौकत फहमी ने मंगलवार से रोजा रखने का एलान किया. इसके बाद सभी तरावीह की नमाज की तैयारी में जुट गये. महिलाओं व बच्चियों ने कुरान की तिलावत शुरू कर दी. बच्चे व नौजवान मस्जिद की तरफ चल पड़े.
रहमत का महीना है रमजान : माह-ए-रमजान अल्लाह की रहमत और इनायतों का महीना है. ये आश्वस्त की कमाई और नेकियों का जखीरा जमा करने का खास महीना है. इस माह का बुनियादी अमल रोजा है, जो हर मुसलमान पर फर्ज है. मरकजी मस्जिद के इमाम बताते हैं कि रमजान के दिनों में इंसान रब की खुशनूदी की खातिर उन चीजों को छोड़ देता है, जो आम हालात में भी उसके लिए नाजायज और हराम है.
क्या है बाजार का हाल : बाजारों में सहरी और इफ्तार की सामग्री दिखाई देने लगी है. जहां लोग दूध-ब्रेड के साथ सहरी कर रोजे की शुरुआत करते हैं, वहीं खजूर-फल को इफ्तार के व्यंजनों में शामिल रखते हैं. इफ्तार के लिए अफजल (पवित्र) मानी जाने वाली खजूर की कई वेराइटी भी बाजार में दिखाई देने लगी है.
सहरी में इनका करें सेवन : सहरी में ज्यादा तला, मसालेदार, मीठा खाना न खाएं, क्योंकि ऐसे खाने से प्यास ज्यादा लगती है. सहरी में दूध, ब्रेड और फल सेहत के लिए बेहतर होता है. रमजान के महीने में ज्यादा-से-ज्यादा इबादत करें, अल्लाह को राजी करना चाहिए, क्योंकि इस महीने में हर नेक काम का सवाब बढ़ा दिया जाता है.

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