जहानाबाद सदर : शादी-ब्याह के लग्न में बाजारों में पटाखों की इन दिनों जमकर बिक्री हो रही है. विवाह की रौनकता बढ़ाने के लिए लोग जमकर आतिशबाजी कर रहे हैं. इसी को लेकर लोग बाजार से जमकर खरीदारी कर रहे हैं. बाजार में चौक-चौराहे पर भी पटाखे की खूब बिक्री हो रही है. शहर से लेकर ग्रामीण बाजार में भी लोगों को सुलभ तरीके से यह उपलब्ध हो जा रहे हैं.
लग्न में धड़ल्ले से बिक रहे हैं पटाखे मानकों का नहीं किया जा रहा पालन
जहानाबाद सदर : शादी-ब्याह के लग्न में बाजारों में पटाखों की इन दिनों जमकर बिक्री हो रही है. विवाह की रौनकता बढ़ाने के लिए लोग जमकर आतिशबाजी कर रहे हैं. इसी को लेकर लोग बाजार से जमकर खरीदारी कर रहे हैं. बाजार में चौक-चौराहे पर भी पटाखे की खूब बिक्री हो रही है. शहर से […]

पटाखा विक्रेता बिक्री तो कर रहे हैं, लेकिन मानकों का पालन नहीं कर रहे. शहरी क्षेत्र में 30 लाइसेंसी पटाखा विक्रेता हैं, जिन विक्रेताओं के लाइसेंस निर्गत है, वे भी मानकों का पालन किये बिना ही पटाखे की बिक्री कर रहे हैं.
वहीं बगैर लाइसेंस के भी शहर से लेकर ग्रामीण बाजारों में भी दर्जनों दुकानों का संचालन हो रहा है जो नियम-कानून को ताक पर रखकर पटाखे की बिक्री कर रहे हैं. प्रशासन भी मूकदर्शक बनी है. प्रशासन द्वारा पटाखा दुकान की जांच नहीं किये जाने का परिणाम है कि चौक-चौराहे पर, गुमटी में भी पटाखे की बिक्री खूब की जा रही है.
क्या है नियम: पटाखा दुकान चलाने के लिए विक्रेता को सबसे पहले अग्निशामक विभाग से एनओसी लेना अतिआवश्यक रहता है. एनओसी लेने के बाद पटाखा विक्रेता लाइसेंस लेने के लिए नगर पर्षद में आवेदन करते हैं.
नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा दुकान की जांच की जाती है. इसके बाद एडीएम के पास अनुशंसा की जाती है. कार्यपालक पदाधिकारी के अनुशंसा के बाद ही एडीएम द्वारा पटाखे विक्रेता को बिक्री करने का लाइसेंस निर्गत किया जाता है.
दुकानदार को इन चीजों का रखना होगा ख्याल: पटाखा विक्रेता को भीड़-भाड़ वाला इलाका में पटाखा की बिक्री नहीं करना है. साथ ही विक्रेता को जिस जगह पर पटाखा की बिक्री करते हैं उस जगह पर बालू, बाल्टी, पानी, अग्निशामक यंत्र, कंबल, मग रखना अतिआवश्यक है लेकिन पटाखा विक्रेता पटाखा की बिक्री तो करते हैं, लेकिन उक्त बातों का जरा भी ख्याल नहीं रखते हैं.