बोरिंग फेल, बढ़ीं किसानों की मुश्किलें

जहानाबाद सदर : जिले में जल स्तर नीचे गिरने से बोरिंग फेल हो रही हैं, जिससे किसानों के समक्ष सिंचाई का समस्या उत्पन्न होती जा रही है. खासकर जहानाबाद, काको, मोदनगंज, रतनी, मखदुमपुर प्रखंड की सुखाड़ की स्थिति भयंकर होती जा रही है. इन प्रखंडों में जल स्तर 45 फीट तक नीचे चला गया है. […]

जहानाबाद सदर : जिले में जल स्तर नीचे गिरने से बोरिंग फेल हो रही हैं, जिससे किसानों के समक्ष सिंचाई का समस्या उत्पन्न होती जा रही है. खासकर जहानाबाद, काको, मोदनगंज, रतनी, मखदुमपुर प्रखंड की सुखाड़ की स्थिति भयंकर होती जा रही है.
इन प्रखंडों में जल स्तर 45 फीट तक नीचे चला गया है. जिसके कारण किसानों द्वारा कराया गयी बोरिंगों ने पानी देना बंद कर दिया है, जिससे किसानों में खेती करने की समस्या उत्पन्न हो गयी है.
जल स्तर नीचे जाने से ग्रामीण इलाकों में चापाकल तो जवाब दे ही रही थी, अब बोरिंग के जवाब देने से किसानों में पेयजल की समस्या के साथ-साथ फसल बचाने की भी समस्या उत्पन्न हो गयी है. बोरिंग ठीक रहने पर यहां के किसान गर्मी की खेती भी कर लेते थे, लेकिन इस बार किसान ग्रीष्म की खेती करने की जोखिम नहीं उठा रहे हैं.
समरसेबल बन रहा सहारा : अब तक लोग पेयजल संकट को दूर करने के लिए अपने घरों में समरसेबल लगा रहे थे, लेकिन अब बोरिंग फेल होने के बाद बधार में बोरिंग में समरसेबल डलवाने का काम भी शुरू कर दिये हैं. ग्रामीण इलाके में अधिकांशत: किसान समरसेबल डलवाना शुरू कर दिया है.
बधार में अब समरसेबल के सहारे ही किसान खेतों का पटवन शरू कर दिये हैं, लेकिन समरसेबल का दाम ज्यादा रहने के कारण सूखे की मार झेल रहे किसानों को समरसेबल लगाना बस में नहीं है. जो सक्षम किसान हैं वही बोरिंग में समरसेबल डलवाने का काम कर रहे हैं.
बोले अधिकारी
जिले में हुलासगंज प्रखंड को छोड़कर सभी प्रखंडों में जल स्तर 45 फीट नीचे चला गया है, जिसके कारण पुरानी बोरिंगों ने पानी देना बंद कर दिया है. पुरानी बोरिंग में 10 फीट लेंथ जोड़ने के बाद ही पानी देगा. किसानों को बोरिंग चालू करने के लिए लेंथ जुड़वाना चाहिए.
चंद्रप्रकाश, कार्यपालक अभियंता, पीएचइडी, जहानाबाद

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