मृत्युंजय कुमार
कौन है असली, कौन है नकली, तलाशने में जुटी है निगरानी
जहानाबाद : शिक्षक नियोजन में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. निगरानी की जांच में इसकी परतें सामने आने लगी हैं. निगरानी की ओर से 50 ऐसे शिक्षकों की सूची बनायी गयी है, जो 22 टेट या सीटेट प्रमाणपत्र पर अलग-अलग स्कूलों में कार्यरत हैं. इन कार्यरत शिक्षकों में कौन असली है और कौन नकली, अब इसकी जांच की जा रही है.
इसके लिए निगरानी द्वारा शिक्षकों की सूची डीपीओ स्थापना सह नोडल पदाधिकारी को उपलब्ध कराया गया है. साथ ही संबंधित प्रखंडों से शिक्षकों के पदस्थापन की जानकारी मांगी गई है. इन 50 शिक्षकों में 10 काको प्रखंड में, 13 मखदुमपुर प्रखंड में, 7 जहानाबाद प्रखंड में, 8 रतनी प्रखंड में, 4 हुलासगंज प्रखंड में, 6 मोदनगंज प्रखंड में तथा 2 घोसी प्रखंड में कार्यरत हैं.
निगरानी की ओर से जो सूची उपलब्ध करायी गयी है उसमें टेट के एक ही रोल नंबर पर दो-दो, तीन-तीन शिक्षक अलग-अलग प्रखंडों में कार्यरत हैं. हद तो यह है कि इन्हीं प्रमाणपत्रों पर गया जिले में भी नौ शिक्षक कार्यरत हैं. फर्जी प्रमाणपत्र पर कार्यरत शिक्षक धड़ल्ले से वेतन की निकासी कर रहे हैं.
इस संबंध में डीपीओ स्थापना सह नोडल पदाधिकारी विद्यासागर सिंह ने बताया कि निगरानी की ओर से एक ही टेट, सीटेट रोल नंबर पर दो-दो, तीन-तीन जगह कार्यरत शिक्षकों की सूची उपलब्ध करायी गयी है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के जांचकर्ता सह पुलिस निरीक्षक ने सूची के अनुसार शिक्षकों का पदस्थापन उपलब्ध कराने को कहा है.
सूची में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख है कि जिले में प्रथम दृष्टता 50 शिक्षक-शिक्षिकाएं ऐसे पाये गये हैं जो एक ही टेट, सीटेट रोल नंबर पर दो-दो, तीन-तीन जगह कार्यरत हैं. इन शिक्षकों द्वारा वेतन की निकासी भी की जा रही है जिससे सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है.
