जदयू करेगा बिना शर्त महिला आरक्षण बिल का समर्थन, पार्टी का दावा- नीतीश कुमार की राह चले नरेंद्र मोदी

उन्होंने कहा कि हमारे नेता नीतीश कुमार कई मौकों पर इसकी मांग कर चुके हैं. केसी त्यागी ने कहा कि पार्टी की जो भी मांग होगी, वह संसद में रखी जाएगी, लेकिन महिलाओं को आरक्षण का विधेयक जिस भी प्रारूप में आ रहा है, उसका समर्थन किया जाएगा.

पटना. जदयू ने महिला आरक्षण बिलके समर्थन की घोषणा कर दी है. जदयू के मुख्य प्रवक्ता केसी त्यागी ने इस बात की जानकारी मीडिया से साझा की. केसी त्यागी ने कहा कि जदयू महिला आरक्षण बिल का समर्थन करेगा. उन्होंने कहा कि हमारे नेता नीतीश कुमार कई मौकों पर इसकी मांग कर चुके हैं. हालांकि, नीतीश कुमार की मांग रही है कि वंचित समूह की महिलाओं को भी उचित आरक्षण मिलनी चाहिए. केसी त्यागी ने कहा कि महिला आरक्षण जिंदाबाद. सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ी महिलाओं की भागीदारी जिंदाबाद.

हमने कभी महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया

जदयू नेता ने कहा कि आरजेडी, समाजवादी पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड) सब लोग समाजवादी आंदोलन से निकले हुए लोग हैं. हमने कभी महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया. केसी त्यागी ने आरजेडी के स्टेंड पर कहा कि उनको (आरजेडी ) मिसकोट किया गया. राजद के साथी बताएंगे, लेकिन हमारी जानकारी है डॉक्टर लोहिया इसके पक्ष में थे. ये पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी कोटे के भीतर कोटा यानि पिछड़ी जाति के महिलाओं के लिए भी सीट रिजर्व करने की मांग करेगी? केसी त्यागी ने कहा कि पार्टी की जो भी मांग होगी, वह संसद में रखी जाएगी, लेकिन महिलाओं को आरक्षण का विधेयक जिस भी प्रारूप में आ रहा है, उसका समर्थन किया जाएगा.

बिहार आज जो करता है, कल पूरा देश उसे अपनाता है

इधर, जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता राजीव रंजन ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा लाया गया महिला आरक्षण विधेयक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार द्वारा बहुत पहले महिलाओं को दिए गए आरक्षण से प्रेरित है. रंजन ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक लाकर केंद्र सरकार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बिहार आज जो करता है, कल पूरा देश उसे अपनाता है.

पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला पहला राज्य बिहार

राजीव रंजन ने कहा कि 2006 में बिहार महिलाओं को स्थानीय निकायों और पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला पहला राज्य बना. नीतीश कुमार ने नवंबर, 2005 में मुख्यमंत्री पद संभालने के कुछ ही महीनों में यह साहसिक कदम उठाया था. उन्होंने कहा कि बिहार एकमात्र राज्य है जहां महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है. शिक्षा विभाग में 50 प्रतिशत आरक्षण है. परिणामस्वरूप, अब हमारे पास दो लाख महिला शिक्षक हैं.

महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कई कदम

जदयू प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस बल में महिलाओं के प्रतिनिधित्व में भी काफी सुधार हुआ है. 29,175 कर्मियों के साथ, बिहार में पुलिस बल में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है. उन्होंने राज्य द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कई अन्य कदमों का भी जिक्र किया, जिसमें स्कूली छात्राओं को मुफ्त साइकिल और वर्दी प्रदान करना शामिल है, जिससे उनके दाखिले के अनुपात में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. जद(यू) नेता ने महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की योजनाओं के अलावा उच्च अध्ययन करने वालों के लिए छात्रवृत्ति का भी उल्लेख किया.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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