संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पिछले हफ्ते 13 दिसंबर को स्मोक कलर अटैक हुआ. इस घटना पर विपक्ष देश के गृह मंत्री से सदन में जवाब की मांग कर रहा था. जवाब नहीं मिलने पर विपक्ष ने जब संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान हंगामा और विरोध प्रदर्शन करना शुरू किया तो इनको निलंबित कर दिया गया. आज 19 दिसंबर को 49 और सांसदों को निलंबित कर दिया गया. जबकि अभी तक निलंबित हुए सांसदों की संख्या 141 हो गई है. इस घटना से विपक्ष आक्रोशित है.
‘…लेकिन गृह मंत्री नहीं आएंगे’
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि अपने कर्मों पर, अपने कुकृत्यों पर पर्दा डालने के लिए विपक्षी सांसदों का निलंबन करके लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. ललन सिंह ने कहा कि “विपक्ष के जो सांसद हैं वो एक ही मांग कर रहे हैं कि संसद की सुरक्षा में जो चूक हुई है उस पर देश के गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर संसद की सुरक्षा में जो चूक हुई है उस पर सरकार का पक्ष रखें. देश के गृह मंत्री हैं, सदन के सदस्य भी हैं, लेकिन गृह मंत्री यहां नहीं आए. इसके बाद जो कुछ हुआ वह लोकतंत्र है और ये ही उनके लोकतंत्र की परिभाषा है.”
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जवाब मांगने पर निलंबित करेंगे
प्रभात खबर से बात करते हुए जदयू सांसद कौशलेंद्र ने कहा कि विपक्ष की मांग क्या थी. जिसपर विपक्ष के 141 सदस्यों को निलंबित कर दिया गया. उन्होंने कहा कि संसद में चूक पर विपक्ष गृहमंत्री अमित शाह से जवाब मांगा रहा था. जवाब गृहमंत्री नहीं देंगे तो क्या इसका जवाब हम नेता प्रतिपक्ष से मांगे. यह लोकतंत्र की हत्या है. ससंद लोकतंत्र का मंदिर है. इस मंदिर में विपक्ष जब सुरक्षा में हुई चुक पर गृहमंत्री से जवाब मांगती है तो सरकार कह रही है कि विपक्ष माहौल बिगाड़ रहा है, काम नहीं होने दिया जा रहा है. जदयू सांसद ने कहा कि आप काम करिए न, कौन आपको मना कर रहा है? हम लोग तब तक कहां आपसे सुरक्षा को लेकर कोई सवाल कर रहे थे. लेकिन, जब संसद की सुरक्षा में चूक हुई बाहरी लोग प्रवेश कर गए तब हम जवाब मांगे. इसपर कहा जा रहा है कि हम सदन नहीं चलने दे रहे हैं.
किसकी अनुशंसा पर दो लोग आए थे?
राज्यसभा सदस्य और जदयू नेता अनिल हेगड़े ने कहा कि विपक्ष पर कार्रवाई हो रही है. लेकिन उनपर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है जिनकी अनुसंसा पर संसद में दो लोग प्रवेश किए थे. अनिल हेगड़े ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने जो 141 सदस्यों को निलंबित कर दिया उससे अच्छा तो था कि वे बीजेपी के एक सांसद को निलंबित कर देते. जिनकी अनुशंसा पर वे दोनों सदन में प्रवेश कर गए थे. बीजेपी उनको क्यों बचाना चाह रही है. यह एक बड़ा सवाल है. पार्टी को इसका जवाब देना चाहिए और इसकी जांच भी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बीजेपी जो लोकतंत्र की हत्या करना चाह रही है. ऐसा नहीं होनें देंगे.
