चकाई. प्रखंड में प्रचंड गर्मी व तेज हवा चलने के कारण जलस्तर नीचे चले जाने से लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है. वैसे तो पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण चकाई वासियों को हर वर्ष गर्मी के मौसम में जल संकट का सामना करना पड़ता है, लेकिन लगातार पिछले दो साल से प्रखंड में बहुत कम बारिश होने के कारण दो माह पूर्व ही तालाब, कुआं सुख चुके हैं. वहीं प्रखंड स्थित अजय नदी में भी गड्ढा खोदने के बाद पानी निकल पाता है. पानी उपलब्ध नहीं रहने के कारण आदमी ही नहीं पशुओं को भी प्यास बुझाने के लिए मीलों भटकना पड़ता है. प्यास बुझाने व पानी की तलाश में आस-पास के जंगलों में मौजूद जंगली जानवर जैसे नील गाय, हिरण आदि गावों की ओर आ जाते हैं. कुछ दिन पूर्व ही पाटजोरी गांव में स्थानीय लोगों ने एक नील गाय को पकड़ कर वन विभाग के हवाले किया था. वहीं जलस्तर नीचे चले जाने के कारण कुआं भी सूख चुका है. इसके अलावे चापाकल से भी बहुत ही कम मात्रा में पानी निकलता है, जिस कारण लोग पानी खरीदकर पीने को विवश हैं.
चकाई में गहराया जल संकट, पानी खरीदकर पीने को विवश हैं लोग

चकाई में गहराया जल संकट, पानी खरीदकर पीने को विवश हैं लोग
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प्रचंड गर्मी व तेज हवा चलने के कारण जलस्तर चला गया है नीचे