सिमुलतला अंडरपास बना मुसीबत, फिर फंसा ट्रक, दो घंटे ठप रहा यातायात
जसीडीह-झाझा मुख्य रेलखंड के बीच सिमुलतला स्थित रेलवे अंडरपास (सब-वे) इन दिनों राहगीरों के लिए सुविधा से ज्यादा परेशानी का कारण बन गया है.
By PANKAJ KUMAR SINGH | Updated at :
घटिया योजना व लापरवाह निर्माण के कारण यहां आये दिन भारी वाहन फंस रहे हैं
सिमुलतला. जसीडीह-झाझा मुख्य रेलखंड के बीच सिमुलतला स्थित रेलवे अंडरपास (सब-वे) इन दिनों राहगीरों के लिए सुविधा से ज्यादा परेशानी का कारण बन गया है. घटिया योजना और लापरवाह निर्माण के कारण यहां आये दिन भारी वाहन फंस रहे हैं, इससे घंटों जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है.
शनिवार की सुबह एक बार फिर अंडरपास की खामियां उजागर हो गयीं, जब पश्चिम बंगाल से कोका-कोला लोड कर आ रहा एक बड़ा ट्रक अंडरपास के मुहाने पर ही फंस गया. ट्रक के फंसते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी और देखते ही देखते यातायात पूरी तरह ठप हो गया. करीब दो घंटे तक चालक ट्रक को निकालने के लिए जूझता रहा, लेकिन संकीर्ण रास्ता और तीखी मोड़ सबसे बड़ी बाधा साबित हुई.
मानकों पर खरा नहीं उतर रहा अंडरपास
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि यह अंडरपास किसी भी मानक पर खरा नहीं उतरता. टर्निंग इतनी तीखी है कि बड़े वाहनों का निकलना लगभग नामुमकिन हो जाता है. लोगों ने सवाल उठाया कि निर्माण के समय भविष्य की जरूरतों और भारी वाहनों की आवाजाही को आखिर क्यों नजरअंदाज किया गया.
हर दिन जाम और हादसे का खतरा
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह ट्रक को निकाला जा सका, तब जाकर यातायात बहाल हुआ. इस दौरान आम लोग बेहाल रहे. दोपहिया और छोटे वाहन चालकों को रास्ता बदलना पड़ा, जबकि कई लोग लंबे समय तक जाम में फंसे रहे. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रोज ऐसी स्थिति बनती है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
अंडरपास की इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है. उनका आरोप है कि निर्माण में न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा गया और न ही सही योजना बनायी गयी. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द अंडरपास का चौड़ीकरण और टर्निंग में सुधार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे.