जमुई. भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारी को लेकर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रतिभागियों को कंप्यूटर, लैपटॉप एवं मोबाइल के माध्यम से हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से जनगणना कार्य करने की विस्तृत जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण सत्र में जनगणना प्रशिक्षण कोषांग के नोडल पदाधिकारी-सह-कार्यपालक अभियंता सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे. प्रशिक्षकों ने चार्ज अधिकारियों को प्रगणक एवं पर्यवेक्षक का यूजर आईडी बनाना, गणना ब्लॉक तैयार करना, प्रगणकों को आवंटित करना तथा पर्यवेक्षी सर्किल का निर्माण कर पर्यवेक्षकों को आवंटित करने की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी. प्रशिक्षकों ने बताया कि चार्ज अधिकारी के लॉगिन आइडी के लिए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अनिवार्य है, जबकि प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के लिए ईमेल आइडी अनिवार्य नहीं है. हालांकि ईमेल आइडी रहने पर मोबाइल गुम होने की स्थिति में ईमेल के माध्यम से ओटीपी प्राप्त करने में सुविधा होगी. प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि चार्ज अधिकारी बल्क यूजर क्रिएशन एक्सेल टेम्पलेट के माध्यम से एक साथ सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का यूजर आईडी बना सकते हैं. प्रगणकों को केवल लॉगिन करने और डाटा सिंक करने के समय ही इंटरनेट की आवश्यकता पड़ेगी. बताया गया कि पर्यवेक्षक प्रगणकों द्वारा अपलोड किये गये डाटा को केवल एक बार ही सुधार के लिए वापस भेज सकते हैं, जबकि प्रगणक डाटा सिंक करने के बाद भी पूर्णता प्रमाणपत्र देने से पहले तक उसमें संशोधन कर सकते हैं. चार्ज अधिकारियों को एचएलबी बनाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गयी. उन्हें निर्देश दिया गया कि ऑनलाइन एचएलबी फ्रीज करने से पहले उसका पीडीएफ या एक्सेल डाउनलोड कर मिलान अवश्य कर लें और उसके बाद ही फ्रीज करें. अधिकारियों ने बताया कि इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न होगी. प्रशिक्षण के दौरान https://test.census.gov.in वेबसाइट पर सभी चार्ज अधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी/कार्यपालक पदाधिकारी एवं सहायकों से टेस्ट डाटा भरवाकर व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, जिससे प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का बेहतर अनुभव प्राप्त हुआ.
जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण
भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारी को लेकर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रतिभागियों को कंप्यूटर, लैपटॉप एवं मोबाइल के माध्यम से हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया गया.
