तीसरे जुमे पर अदा की गयी नमाज

रमजान के तीसरे शुक्रवार को नमाज पढ़ने व इबादत करने वालों की भीड़ शहर के विभिन्न मस्जिदों में उमड़ पड़ी.

जमुई. रमजान के तीसरे शुक्रवार को नमाज पढ़ने व इबादत करने वालों की भीड़ शहर के विभिन्न मस्जिदों में उमड़ पड़ी. रमजान के 20वें दिन जिले के सभी मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गयी. हालांकि अन्य दिनों की भांति आज के दिन तापमान में गिरावट देखा गया. रोजेदार रोजे रखकर अल्लाह को उनके नेमत के लिए शुक्रिया अदा करने में जुटे रहे. इस बार माह-ए-रमजान में चार जुमा पड़ता है. अगला जुमा माहे रमजान का चौथा व आखिरी जुमा होगा. स्थानीय निवासी मो इमरान आलम बताते हैं कि रमजान में खुदा ने कुरान शरीफ नाजिम की और उम्मत-ए-मोहम्मदी को बेशकीमती नेमत से नवाजा.

इस्लाम धर्म का पवित्र माह है माह-ए-रमजान

माह-ए-रमजान के तीसरे जुमा को शहर के महिसौड़ी मस्जिद, मिर्चा मस्जिद, गौसिया मस्जिद, छोटी मस्जिद, नूर मस्जिद, भछियार मस्जिद, नीमारंग मस्जिद, हांसडीह मस्जिद, सतगामा मस्जिद सहित अन्य जगहों पर मस्जिदों में नमाज पढ़ने के लिए भीड़ लगी रही. इमाम ने बताया कि रमजान का महीना इस्लाम धर्म का पवित्र महीना है पूरे माह पवित्रता के साथ रोजे रखकर और अल्लाह की इबादत कर उपवास तोड़ते हैं और जल ग्रहण करते हैं. उन्होंने बताया कि इस माह में दान का बड़ा महत्व है. दान गरीब तबके के कल्याण और सेवा के लिए दिया जाता है.

रोजा इस्लाम की पांच रत्नों में से एक

मौलाना फारूख अशरफी ने बताया कि रोजा इस्लाम की पांचवें रत्नां में से एक है. इस्लाम धर्म में पांच बुनियादी चीजें है तौहीद, नमाज, रोजा, जकात एवं हज. रोजा फजल-ए-खुदा बन्दी का चमकता हक अदा करती है. हदीस में कहा गया है कि इस माह में बंदों द्वारा एक नेकी करने से उसे 70 नेकियों के बराबर सवाब मिलता है. उन्होंने बताया कि रमजान माह सब्र का महीना होता है, जो आदमी सुबह से शाम तक खाने पीने या किसी भी ख्वाहिश से बचा रहा और सब्र के साथ जवाब की उम्मीद से जिसने भी रोजा किया उसे जन्नत नसीब होती है. रोजा को सिर्फ इस्लाम के अंदर ही नहीं बल्कि दुनिया के तमाम मजाहिद के लोग रोजा रखते है यही वजह है कि अल्लाह ने रोजा के बदले अपने आप को पेश कर दिया है.

ईद नजदीक आते ही बढ़ने लगी है बाजार की रौनक

ज्यों-ज्यों रमजान का महीना खत्म होता जा रहा है, त्यों-त्यों ईद की खरीदारी को लेकर बाजारों की रौनक बढ़ने लगी है. सेवाइयों की दुकान के अलावा कपड़ों की दुकानों में भी नए स्टॉक्स मंगाए जा रहे हैं. ईद की रौनक दिखने लगी है. इसके अलावा शाम में इफ्तार को लेकर मोहल्लों में भीड़ दिख जा रही है. धीरे-धीरे जिले में पार्टियां भी आयोजन को लेकर लोगों में चर्चा का विषय है, इसके लिए विभिन्न संगठनों ने तैयारी शुरू कर दी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >