जमुई. सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित व बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है. इसके तहत अब सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जायेगा. इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन ने जिले के 15 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है, जहां घायलों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार मिलेगा. जिला जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार, इस व्यवस्था के लागू होने से दुर्घटना पीड़ितों के परिजनों को इलाज के खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. उपचार का खर्च सरकार सीधे अस्पतालों को भुगतान करेगी. इससे दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण समय यानी गोल्डन ऑवर में बिना आर्थिक बाधा के घायलों को त्वरित इलाज मिल सकेगा. जिले में जिन सरकारी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, उनमें जिला अस्पताल जमुई, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरा व सोनो, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरा, बरहट, गिद्धौर व अलीगंज तथा रेफरल अस्पताल चकाई, झाझा व लक्ष्मीपुर शामिल हैं. वहीं निजी चिकित्सा संस्थानों में देवपुष्पा कम्प्यूटरीकृत ऑर्थोपेडिक एवं पॉली क्लिनिक सेंटर, सत्यम नर्सिंग होम, जेपी अस्पताल, आरके हड्डी अस्पताल और आई केयर आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को भी इस योजना में शामिल किया गया है. इन सभी 15 सूचीबद्ध अस्पतालों में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराया जायेगा. जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से समय पर इलाज मिलने से दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने में मदद मिलेगी और अधिक से अधिक लोगों की जान बचायी जा सकेगी.
सड़क हादसे में घायलों को 1.5 लाख रुपये तक मिलेगा मुफ्त इलाज, 15 अस्पताल सूचीबद्ध
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित व बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है.
