जमुई. बिहार दिवस को इस वर्ष उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी तेज हो गयी है. इसी कड़ी में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गयी, जिसमें सभी पदाधिकारी शामिल हुए. जानकारी देते हुए डीपीआरओ डॉ मेनका कुमारी ने बताया कि बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि बिहार दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक गौरव को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सरकारी कार्यालयों को आकर्षक ढंग से सजाया जाये और विशेष प्रकाश व्यवस्था के जरिए उत्सव का माहौल बनाया जाये. साथ ही लोक कला और परंपराओं को दर्शाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर विशेष जोर दिया गया. बैठक के बाद जमुई में भी तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गयी है. जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक कर कई आवश्यक निर्देश दिये. जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि सभी विद्यालयों में बिहार दिवस धूमधाम से मनाया जाये. इस दौरान बच्चों को राज्य के स्वर्णिम इतिहास से जोड़ने के लिए विभिन्न शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जायेंगी. वहीं, जिला कला संस्कृति पदाधिकारी को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने का जिम्मा दिया गया है, ताकि बिहार की समृद्ध परंपरा और लोक संस्कृति की झलक साफ तौर पर दिखाई दे सके. आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला जन संपर्क पदाधिकारी को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं. विभिन्न माध्यमों से कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस उत्सव का हिस्सा बन सकें. प्रशासन का मानना है कि समन्वित प्रयासों से इस बार बिहार दिवस न सिर्फ भव्य होगा, बल्कि लोगों के लिए प्रेरणादायक भी साबित होगा.
बिहार दिवस पर जमुई में सजेगी समृद्ध लोक परंपराओं की महफिल
बिहार दिवस को इस वर्ष उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी तेज हो गयी है.
