चंद्रमंडीह . चकाई प्रखंड परिसर में वर्षों से उपेक्षित पड़े कई जर्जर भवन अब धराशायी होने के कगार पर हैं. इन छोटे छोटे भवनों की संख्या लगभग दर्जन भर है. ये सभी भवन लगभग 50 वर्ष पूर्व निर्मित है. दो या तीन कमरों वाले इन भवनों में प्रखंड कार्यालय में कार्य करने वाले कर्मियों का आवास था, लेकिन समय के साथ भवन के पुराने होने पर, यहां कार्य करने वाले कर्मी किराये के मकान में रहने लगे. अब तो इन भवनों की स्थित ऐसी है कि यह कभी भी स्वतः धराशायी हो सकता है. इन भवनों के आस-पास नव निर्मित मनरेगा भवन सहित अन्य कार्यालय संचालित होता है और यहां बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं. कभी कभी बारिश, तेज धूप, आंधी से बचने के लिए लोग इन भवनों का आश्रय लेते हैं. साथ ही बड़ी संख्या में मवेशियों का जमावड़ा भी इन कमरों में लगा रहता है. ऐसे में अगर कोई भी भवन एकाएक धराशायी होता है, तो बड़ा नुकसान हो सकता है. वहीं इसे लेकर सोमवार को बीडीओ कृष्ण कुमार सिंह इन जर्जर भवनों का निरीक्षण कर स्थित का जायजा लिया. मौके पर बीडीओ ने बताया कि काफी पुराना होने के कारण सभी भवन काफी जर्जर अवस्था में है. पूर्व में भी भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता से इन भवनों को गिराने के लिए पत्र प्रेषित किया गया था. पुनः जनहित को ध्यान में रखते हुए जिला पदाधिकारी एवं भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को लिखित रूप से इसकी सूचना दी जायेगी. साथ ही आगामी 27 मई को आयोजित होने वाले पंचायत समिति की सामान्य बैठक में इस प्रस्ताव को लाया जायेगा.
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