जमुई. जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत खड़ाईच पंचायत के डुमरियाताड़ गांव में एक 17 वर्षीय छात्र गंभीर बीमारी से जूझ रहा है. प्रशांत कुमार दास नामक छात्र वर्तमान में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है. जानकारी के अनुसार, प्रशांत के पिता राजेश दास मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. प्रशांत पढ़ाई में तेज होने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सहयोग करता था. करीब एक सप्ताह पूर्व उसकी तबीयत बिगड़ने पर स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे बोन मैरो से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित बताया और बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन उसे पटना लेकर पहुंचे, जहां इलाज के लिए लाखों रुपये खर्च की बात कही गयी. स्थिति गंभीर होने पर उसे कोलकाता रेफर किया गया, जहां 30 से 40 लाख रुपये खर्च का अनुमान बताया गया. अंततः चिकित्सकों ने उसे दिल्ली रेफर किया, जहां इलाज में 50 लाख रुपये से अधिक खर्च आने की संभावना जतायी गयी है. परिजनों के अनुसार, दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती की प्रक्रिया में भी देरी हो रही है, जिससे मरीज की हालत और चिंताजनक बनी हुई है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इतने बड़े खर्च का वहन करने में पूरी तरह असमर्थ है. ऐसे में परिजनों ने आम लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील की है, ताकि समय पर इलाज संभव हो सके और छात्र की जान बचाई जा सके.
बोन मैरो बीमारी से जूझ रहा 17 वर्षीय छात्र, इलाज के लिए परिवार ने लगायी मदद की गुहार
जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत खड़ाईच पंचायत के डुमरियाताड़ गांव में एक 17 वर्षीय छात्र गंभीर बीमारी से जूझ रहा है.
