डीएम के निर्देश पर विशेष जांच अभियान शुरू, गड़बड़ी मिली तो लाइसेंस रद्द तक की होगी कार्रवाई जमुई. जिले में घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. जानकारी देते डीपीआरओ डा मेनका कुमारी ने बताया कि गैस एजेंसियों द्वारा की जा रही अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम श्री नवीन ने स्पष्ट कर दिया है कि उपभोक्ताओं के अधिकारों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. डीएम ने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड में फर्जी डिलीवरी दिखाकर उपभोक्ताओं को उनके हक से वंचित करना गंभीर अपराध है. ऐसे मामलों में शामिल एजेंसियों और जिम्मेदार पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी. इसी के तहत डीएम के निर्देश पर विशेष जांच अभियान शुरू किया गया है. जांच के दायरे में रेणुका एचपी गैस एजेंसी (सिकंदरा), मां भवानी गैस एजेंसी (झाझा) और सुशीला गैस एजेंसी (जमुई) को रखा गया है. इन एजेंसियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सिलिंडर की वास्तविक आपूर्ति किए बिना ही उसे कागजों और मोबाइल संदेशों में डिलीवर दिखाया जा रहा है. डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे केवल कागजी रिकॉर्ड पर भरोसा न करें, बल्कि क्षेत्र में जाकर उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर सच्चाई की पुष्टि करें. जांच के लिए गठित विशेष टीम पिछले तीन दिनों के बुकिंग डेटा का गहन मिलान कर रही है. डीएम ने स्पष्ट कहा है कि यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित एजेंसियों पर आर्थिक दंड के साथ-साथ उनके लाइसेंस रद्द करने की भी अनुशंसा की जायेगी. जिला प्रशासन ने कहा है कि आम जनता तक बिना किसी बाधा और भ्रष्टाचार के गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है. दो दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जायेगी, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके.
फर्जी गैस डिलीवरी पर सख्त एक्शन, जांच के घेरे में तीन एजेंसियां
जिले में घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है.
