सिमुलतला विद्यालय ने दिया टॉपर, टॉप-टेन में घटी संख्या ने बढ़ायी चिंता

नेतरहाट की तर्ज पर स्थापित सिमुलतला आवासीय विद्यालय ने एक बार फिर गौरव हासिल किया है, जहां विद्यालय की छात्रा पुष्पांजलि कुमारी ने 492 अंक लाकर बिहार टॉपर बनकर संस्थान का नाम रोशन किया.

492 अंक लाकर पुष्पांजलि बनीं बिहार टॉपर, मात्र तीन छात्र ही टॉप-टेन में टॉपर्स की फैक्ट्री के नाम से मशहूर सिमुलतला विद्यालय लगातार कई वर्षों तक बिहार बोर्ड के रिजल्ट में अपना दबदबा बनाये रहा सिमुलतला. नेतरहाट की तर्ज पर स्थापित सिमुलतला आवासीय विद्यालय ने एक बार फिर गौरव हासिल किया है, जहां विद्यालय की छात्रा पुष्पांजलि कुमारी ने 492 अंक लाकर बिहार टॉपर बनकर संस्थान का नाम रोशन किया. हालांकि, इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा परिणाम में विद्यालय के केवल तीन ही छात्र टॉप-टेन में जगह बना सके, जो बीते वर्षों की तुलना में चिंता का विषय बन गया है. टॉप-टेन में शामिल छात्रों में पुष्पांजलि कुमारी (रैंक 01, 492 अंक), अभिनव कुमार (रैंक 06, 485 अंक) व सुरभि सिंह (रैंक 10, 481 अंक) शामिल हैं. एक समय ‘टॉपर्स की फैक्ट्री’ के नाम से मशहूर यह विद्यालय लगातार कई वर्षों तक बिहार बोर्ड के रिजल्ट में अपना दबदबा बनाये रहा. 2015 से 2019 तक टॉप-टेन में सिमुलतला के छात्रों का वर्चस्व रहा, जहां कई वर्षों में अधिकांश टॉपर्स इसी विद्यालय से रहे. वर्ष 2015 में पहली बार मैट्रिक परीक्षा में शामिल हुए विद्यालय के 30 छात्रों ने टॉप-टेन में जगह बनायी थी. 2016 में तो स्थिति यह रही कि टॉप-टेन में शामिल सभी 42 छात्र सिमुलतला विद्यालय के ही थे. 2017 से 2019 तक भी विद्यालय का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा. हालांकि, वर्ष 2020 के बाद से टॉप-टेन में छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है. 2020 में मात्र तीन, 2022 में पांच, 2024 में छह और 2026 में भी केवल तीन छात्र ही टॉप-टेन में जगह बना सके हैं. गौरतलब है कि 09 अगस्त 2010 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस विद्यालय का उद्घाटन किया गया था. बिहार-झारखंड विभाजन के बाद नेतरहाट विद्यालय झारखंड में चले जाने के कारण बिहार में इस प्रकार के उत्कृष्ट विद्यालय की आवश्यकता महसूस की गयी, इसके बाद इसकी स्थापना की गयी. करीब 54 एकड़ भूमि पर स्थापित इस विद्यालय के निर्माण में स्थानीय किसानों का अहम योगदान रहा है. संसाधनों की कमी के बावजूद यहां के छात्र-छात्राओं ने हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य और देश स्तर पर अपनी पहचान बनायी है. शिक्षा जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके इस विद्यालय को वर्ष 2019 में देश के सर्वश्रेष्ठ सरकारी विद्यालय का पुरस्कार भी मिल चुका है. वर्तमान परिणाम में जहां एक ओर पुष्पांजलि कुमारी की सफलता ने गौरव बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर टॉप-टेन में घटती भागीदारी ने शिक्षा प्रेमियों और अभिभावकों के बीच चिंता भी बढ़ा दी है. अब देखना होगा कि आने वाले वर्षों में यह ‘टॉपर्स की फैक्ट्री’ फिर से अपने पुराने स्वर्णिम दौर को हासिल कर पाती है या नहीं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >