कपट छोड़ शिव की शरण में आने वाले भक्तों के सभी पाप हो जाते हैं नष्ट : कैलाशानंद

सिमुलतला में आयोजित श्री श्री 1008 शिवशक्ति महायज्ञ इन दिनों श्रद्धा और अध्यात्म का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.

सिमुलतला. सिमुलतला में आयोजित श्री श्री 1008 शिवशक्ति महायज्ञ इन दिनों श्रद्धा और अध्यात्म का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. महायज्ञ में निरंजनी पीठाधीश्वर व आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही शिवमहापुराण कथा का रसपान करने के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. अपने प्रवचन के दौरान स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने शिव तत्व की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान शिव केवल संहारक नहीं, बल्कि परम कल्याणकारी हैं. उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में जाने-अनजाने कई पाप करता है, लेकिन जो व्यक्ति निष्कपट भाव से महादेव की शरण में आता है और उनके नाम का स्मरण करता है, उसके जन्म-जन्मांतर के पाप भी नष्ट हो जाते हैं. उन्होंने शिवपुराण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान शिव की उपासना सबसे सरल है. महादेव मात्र एक लोटा जल और बेलपत्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं, यदि वह सच्ची श्रद्धा और भक्ति भाव से अर्पित किया गया हो. स्वामी जी ने विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए ऐसे धार्मिक आयोजनों की महत्ता पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि महायज्ञ जैसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और युवा पीढ़ी को अपनी सनातन संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ने की प्रेरणा देते हैं. महायज्ञ में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यज्ञ समिति एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. यह महायज्ञ आगामी 17 मार्च तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के विशेष आशीर्वचन श्रद्धालुओं को प्राप्त हो रहे हैं.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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